भजन गायक कुंजबिहारी दास और विश्वजीत लक्खा ने भजनों की प्रस्तुति से श्रोताओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।उद्घाटन प्रदेश के राज्यमंत्री संजय गंगवार ने फीता काटकर किया। कुंजबिहारी दास ने, हम हैं बांकेबिहारी के, बांकेबिहारी हमारे हैं, भजन सुनाकर समा बांध दिया। देर रात श्रद्धालुओं ने भक्तिमयी प्रस्तुतियों का आनंद लिया।संजीव गोयल, दीपक वार्ष्णेय, राजेश सिंह गुड्डू, देवा पहलवान, पीयूष रावत, अजीत दीक्षित, मोहित वार्ष्णेय, अमन गौड, शुभम मंडल, हर्ष रजावत, सचिन गौड़, अविनाश शर्मा, गौरव रावत, रजत अग्रवाल, मोहित सारस्वत, कुनाल वार्ष्णेय, अर्जुन वाल्मीकि, भूपेंद्र कौशिक, छोटू आदि थे।
बृज क्षेत्र के लक्खी मेला श्रीदाऊजी महाराज के पंडाल में मंगलवार की रात को एक शाम बांके बिहारी के नाम भजन संध्या का आयोजन किया गया। भजन गायक कुंजबिहारी दास और विश्वजीत लक्खा ने भजनों की प्रस्तुति से श्रोताओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।
उद्घाटन प्रदेश के राज्यमंत्री संजय गंगवार ने फीता काटकर किया। बांकेबिहारी के छवि चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन आरएसएस के विभाग प्रचारक गोविंद जी और जिला प्रचारक मुनेंद्र ने किया। संयोजक अंकित गौड़ ने सभी अतिथियों का दुपट्टा पहनाकर और छवि चित्र भेंटकर स्वागत किया। संचालन सौरभ शर्मा ने किया।
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बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत पुजारी प्रणव गोस्वामी भी शामिल हुए। कुंजबिहारी दास महाराज ने तेरा द्वार नहीं प्यारे जन्नत का नजारा है, भजन सुनाया। विश्वजीत लक्खा ने डर की क्या बात है, कान्हा जब साथ है, हार की कोई चिंता नहीं, पग पग होगी जीत यहां, भजन सुनाया। कुंजबिहारी दास ने, हम हैं बांकेबिहारी के, बांकेबिहारी हमारे हैं, भजन सुनाकर समा बांध दिया। देर रात श्रद्धालुओं ने भक्तिमयी प्रस्तुतियों का आनंद लिया।