न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना संक्रमण के कारण करीब डेढ़ साल से बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में बच्चे पढ़ने के लिए पहुंचे हैं। ऐसे में जब संक्रमण कम हुआ है तो शासन स्तर से इन स्कूलों में बच्चों को बुलाने की प्रक्रिया भी कोरोना के प्रोटोकॉल के तहत शुरू हो गई है, लेकिन जिन स्कूलों में छात्र संख्या अधिक है, उन्हें दो शिफ्टों में खोले जाने की बात चल रही है। इस बात पर बृहस्पतिवार को हुई ऑनलाइन समीक्षा बैठक में भी विशेषज्ञों ने अपने सुझाव दिए।
कक्षा छह से आठवीं तक के सभी बोर्ड के स्कूलों में बच्चों को 23 अगस्त से बुलाए जाने के निर्देश शासन ने दिए हैं। वहीं कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चों को एक सितंबर से स्कूल बुलाए जाने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन यह भी संकेत मिल रहे हैं कि इस बीच अगर कोरोना का संक्रमण बढ़ा तो स्कूलों को बंद भी किया जा सकता है।
फिलहाल तो इन स्कूलों में बच्चों को बुलाए जाने की तैैयारी शुरू हो गई है। ऑनलाइन हुई समीक्षा बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा के साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि स्कूल खुलने से पहले स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की जाए। इसकी जिम्मेदारी ऑनलाइन बैठक में बीएसए, एबीएसए को दी गई है। वहीं अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों में दो पाली में कक्षाएं संचालित कराए जाने के निर्देश ऑनलाइन बैठक में दिए गए हैं। बच्चों की पढ़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रोड मैप तैयार करने पर जोर दिया गया है।
बीएसए शाहीन ने बताया कि बृहस्पतिवार को हुई ऑनलाइन बैठक में सभी को निर्देश दिए कि स्कूल खुलने पर कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। अध्यापकों, भोजन माताओं (रसोइयों) व अन्य कर्मचारियों का टीकाकरण कराया जाए। ऑफलाइन शिक्षण के साथ ही ऑनलाइन शिक्षण की सुविधा छात्रों को दी जाए। प्रत्येक स्कूल में बच्चों के लर्निंग आउटकम को कक्षावार व विषयवार प्रदर्शित किया जाए। इसकी जानकारी अभिभावकों को भी दी जाए।
सभी स्कूलों में विद्यालय प्रबंधन समिति और अध्यापक अभिभावक एसोसिएशन की बैठक प्रत्येक महीने के अंतिम शनिवार को आयोजित की जाए। इसके साथ ही अध्यापकों का व्हॉट्सएप ग्रुप बनाने और इसमें उन बच्चों को जोड़ने को कहा गया है, जिनके पास स्मार्ट मोबाइल फोन हैं। अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों को दो शिफ्टों में संचालित करने को कहा गया है। इन स्कूलों में पहली शिफ्ट खत्म होने पर एमडीएम का वितरण होगा, ताकि पहली शिफ्ट वाले बच्चे खाना खाकर घर चले जाएं और दूसरी शिफ्ट वाले बच्चों शिक्षण कार्य खाना खाने के बाद शुरू हो सके। संवाद