रालोद की आर्शीवाद पथ रैली के तहत आयोजित जनसभा में मंचासीन जयंत चौधरी और रालोद के वरिष्ठ पदाधिकार?
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया जयंत चौधरी ने सादाबाद में जनसभा के माध्यम से चुनावी बिगुल फूंका। लखीमपुर का प्रकरण उठाकर उन्होंने किसानों और हाथरस का बिटिया प्रकरण उठाकर उन्होंने दलित वर्ग को पार्टी से जोड़ने की कोशिश की। आलू किसानों से जुड़ी समस्या उठाकर उन्होंने क्षेत्र के किसानों की दुखती रग पर भी हाथ रखा। साथ ही विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी पार्टी के घोषणापत्र का खाका भी पेश किया।
वह भाजपा पर तीखे हमलावर हुए, लेकिन किसी और पार्टी के खिलाफ उन्होंने कुछ नहीं कहा, जबकि पिछले चुनाव में बसपा ने इस सीट से रालोद प्रत्याशी को हराया था। सादाबाद रालोद का गढ़ रहा है। इसकी मुख्य वजह सादाबाद का परंपरागत जाट वोट यहां काफी संख्या में है। यह भी तय माना जा रहा है कि सपा और रालोद के गठबंधन में यह सीट रालोद के खाते में जाएगी।
रालोद ने इसके लिए काफी समय से तैयारी कर रहा है। जयंत चौधरी यहां लगातार सभाएं भी करते रहे हैं। बिटिया प्रकरण में वह खुद आए थे और उन्हें पुलिस की लाठियों का सामना करना पड़ा था। रालोद की कोशिश है कि किसी भी तरह से यह सीट इस बार उसके कब्जे में आए।
भाजपा से यहां रालोद अपनी टक्कर मान रहा है। यही कारण रहा कि जयंत ने अपने संबोधन में भाजपा पर ही निशाना साधा। लखीमपुर कांड का जिक्र कर किसानों से पार्टी को जोड़ने की कोशिश की तो चंदपा के बहुचर्चित बिटिया कांड का जिक्र भी उन्होंने किया। सादाबाद आलू उत्पादक क्षेत्र है तो उन्होंने आलू किसानों की समस्याओं को भी उठाया। वैसे जनसभा के दौरान रालोद मुखिया के सामने अप्रत्यक्ष रूप से टिकट के दावेदारों ने भी अपनी दावेदारी पेश की।