फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथरस : नए साल में विकास के रथ पर सवार उम्मीदें

विज्ञापन
हाथरस : शहर के प्राचीन तालाब पर रुका सौंदर्यीकरण का काम। संवाद - फोटो : HATHRAS
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विज्ञापन

आज से नया साल शुरू हो गया है। कहते हैं उम्मीद पर दुनिया कायम है। पिछले दो साल से कोरोना ने विकास की गति रोक दी थी। हालांकि कोरोना का नया स्वरूप फिर फैल रहा है लेकिन इसके बाद भी लोगों को आस है कि 2022 में जिले में विकास के काफी काम होंगे। हालांकि विस चुनाव के चलते कई माह तक चुनाव आचार संहिता के चलते विकास के कामों पर ब्रेेक लगा रहेगा लेकिन लोगों को उम्मीद है कि कई समस्याओं से मुक्ति मिलेगी ।
मेडिकल कॉलेज का होगा निर्माण
जिले के लोगों को आस है कि यहां इस साल मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास होगा और इसका निर्माण भी गति पकड़ेगा। इसकी घोषणा दो साल पहले ही हो गई थी लेकिन इसके बाद इसका शिलान्यास नहीं हो सका है। जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। ऐसे में मेडिकल कॉलेज बनने से यहां की स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो सकेंगी। इसके अलावा कुछ नए स्वास्थ्य केंद्रों के भवन भी इस साल बन सकते हैं। जिला अस्पताल में अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ेंगी।
विज्ञापन

सुधरेगी सड़कों की दशा, भरे जाएंगे गड्ढे
लोगों को यह भी उम्मीद है कि इस साल शहर व देहात की सड़कों की दशा सुधरेगी। यहां अमृत योजना के तहत शहर में सड़कों की खुदाई कर दी गई और सड़कों की दशा बेहद खराब हो गई। इस साल लोगों को उम्मीद है कि शहर की सड़कों की दशा सुधरेगी। साथ ही देहात में जलेसर रोड, ढकपुरा रोड, तरफरा रोड सहित कई सड़कों की दशा सुधरेगी। इस साल लोगों को बरेली-मथुरा मार्ग के एनएच में तब्दील होने की भी उम्मीद है।
जनपद न्यायालय के नए भवन का होगा निर्माण
जिले के न्यायालय के नए भवन के लिए मथुरा रोड पर पिछले साल भूमि का निर्धारण हो चुका है। कोरोना काल में आगे की प्रक्रिया थम गई थी। इस साल उम्मीद है कि जिला न्यायालय के नए भवन का निर्माण शुरू हो जाएगा।
शहर में शामिल हुए नए इलाकों के बहुरेंगे दिन
दो साल पहले शहर की सीमा का विस्तार हुआ था। नगर पालिका क्षेत्र में 11 ग्राम पंचायतें शामिल की गई थी लेकिन बजट के अभाव में इन इलाकों में विकास कार्य रुक गए। वहां के लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रहे। इस साल उम्मीद की जा रही है कि नए इलाकों के लिए विकास के लिए बजट मिलेगा और इन इलाकों के दिन बहुरेंगे।
शहर में पार्कों, घंटाघर व चौराहों का होगा सौंदर्यीकरण
शहर में पिछले साल सौंदर्यीकरण के काम अटके रहे। घंटाघर, भगत सिंह पार्क, शहर के बीचोबीच तालाब के अलावा कई पार्कों का सौंदर्यीकरण नहीं हो पाया। कई चौराहों का भी सौंदर्यीकरण नहीं हो सक। बजट की कमी इसमें सामने आई। इस साल उम्मीद है कि यह काम पूरे होंगे। इसके लिए बजट मिलेगा।
किला क्षेत्र व मंदिर श्री दाऊजी महाराज का होगा विकास
किला राजा दयाराम व मंदिर श्री दाऊजी महाराज काफी पहले पर्यटन स्थल घोषित हो चुके हैं। पुरातत्व विभाग की टीमें भी इसका निरीक्षण कर चुकी हैं। इसका बजट भी बनाकर भेजा जा चुका है। उम्मीद है कि इस पुरातन महत्व के मंदिर व स्थल का इस साल विकास होगा और अवैध कब्जों से इस स्थल को मुक्ति मिलेगी। मंदिर के विकास के लिए 50 लाख रुपये की स्वीकृति हो चुकी है।
सिकंदराराऊ में ट्रॉमा सेंटर होगा शुरू, बस स्टैंड बनेगा
सिकंदराराऊ में लंबे समय से ट्रॉमा सेंटर के संचालन की मांग की जा रही है, लेकिन इसका संचालन नहीं हुआ है। इससे मरीजों को काफी परेशानी होती है। इसके अलावा वहां रोडवेज बस स्टैंड की मांग भी की जा रही है। वहां रोडवेज बस स्टैंड न होने से यात्री बेहद परेशान रहते हैं। वहां इस समय ट्रॉमा सेंटर के संचालन और बस स्टैंड बनने की आस सभी को है।
जिला कारागार का होगा निर्माण
जिले में अभी कारागार नहीं है। यहां के बंदी अलीगढ़ जेल में ही निरुद्ध रहते हैं। वैसे जिले में कारागार के लिए भूमि अधिगृहित की जा चुकी है। पिछले साल यहां निर्माण शुरू नहीं हुआ। ऐसे में यह माना जा रहा है कि इस साल कारागार के लिए भूमि का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। कार्यदायी संस्था इस काम में जुट जाएगी।
स्वच्छ जल की होगी आपूर्ति
हाथरस। अमृत योजना के तहत करीब चार साल से शहर में पाइप लाइनें बिछाई जा रही हैं। यह काम शहर में तकरीबन पूरा हो चुका है। टंकियों का निर्माण भी पूरा हो चुका है। लोगों को स्वच्छ पेेयजल आपूर्ति के मकसद से शुरू की गई यह योजना इस साल मूर्त रूप ले लेगी। जिससे लोगों को पेयजल की आपूर्ति बेहतर तरीक से हो सकेगी।
कूड़ा निस्तारण के लिए सीवेज फार्म पर लगेगा प्लांट
हाथरस। शहर मेें स्वच्छ भारत अभियान को गति प्रदान करने के लिए कूड़े के निस्तारण के लिए नगरपालिका की ओर से कार्ययोजना तैैयार की जा चुकी है। कार्यदायी संस्था ने इस पर काम भी शुरू कर दिया है। इसके तहत कूड़ा निस्तारण कर इससे खाद आदि बनाई जाएगी। जिससे लोगों को खेती के लिए सस्ती खाद मिलेगी। वहीं शहरवासियों को कूड़े से निजात मिलेगी।
उद्योगों को मिलेगी रफ्तार
हाथरस। जिले में नए उद्योगों लगने की संभावना है। इसके लिए औद्योगिक क्षेत्र में भूमि का चयन हो सकता है। उद्यमी औद्योगिक इकाई की स्थापना के लिए मांग कर चुके हैं। माना जा रहा है कि इस साल नए औद्योगिक क्षेत्र का चयन हो सकता है। वहां नए प्लांट लगने की शुरुआत होगी।
जिले को मिल सकती है नए थाने की सौगात
हाथरस। जनपद के सृजन उपरांत महिला थाने को छोड़कर अभी तक कोई नया थाना नहीं बना है। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने में जिले में एक और नया थाना बनाये जाने की संभावना बलवती नजर आ रही है। गौरतलब है कि जनपद में कई थानों का एरिया काफी व्यापक है। ऐसे में बिसावर, बाजिदपुर, अगसौली, कचौरा, लाड़पुर मेें से किसी भी पुलिस चौकी को थाना बनाया जा सकता है। इस बारे में पूर्व में कई बार प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। संवाद
सेंगर नदी का होगा कायाकल्प
हाथरस। प्रदूषण की चपेट में आने से सेंगर नदी का अस्तित्व संकट में आ गया था। खेती-किसानी के लिए जीवनदायिनी सेंगर नदी अपना अस्तित्व खोती जा रही थी। ऐसे में इस नदी को नमामि गंगे प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया गया है। जिससे सेंगर नदी का कायाकल्प होने की उम्मीद है। नदी का कायाकल्प होने और जल की धारा प्रवाहित होने से खेती के लिए यह नदी वरदान साबित हो सकती है।
एक जीजीआई व आठ प्राइमरी स्कूलों को मिलेगी नए भवनों की सौगात
नए साल में जिले को एक जीजीआईसी और आठ प्राइमरी स्कलों के नए भवनों की सौगात मिलेगी। जिसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग के आठ स्कूलों के बच्चे नए स्कूलों के भवनों में पढ़ाई करेंगे। वहीं सासनी के गांव हडौली में राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के भवन निर्माण की शुरुआत होगी। इसे लेकर विभाग द्वारा भी तैयारी पूरी कर ली गई हैं। साथ ही केंद्रीय विद्यालय के नए भवन का निर्माण भी इस साल शुरू होने की उम्मीद है।
विज्ञापन

सात नए बिजलीघर बनेंगे
जिले में इस साल बेहतर विद्युत आपूर्ति के लिए सात नए बिजलीघर बनने की उम्मीद है। साथ ही स्मार्ट मीटर भी लगेंगे। इसके अलावा शहर में करीब 13 किमी की लंबी लाइन भी डाली जाएगी। जर्जर तारों को बदलने का काम भी इस साल होने की आस है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें