हाथरस : कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक लेते डीएम। संवाद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जल, थल और वायु सेना में भर्ती के लिए शुरू की गई अग्निपथ योजना के विरोध प्रदर्शन को थामने के लिए जिला प्रशासन कोचिंग सेंटर संचालकों की मदद ले रहा है। जिलाधिकारी रमेश रंजन ने रविवार को जिले के कोचिंग सेंटर संचालकों के साथ बैठक की और जिले में शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने में उनसे सहयोग का वादा लिया। उनसे कहा कि वह युवाओं को इस योजना के फायदे बताएं। अगर युवाओं को भ्रमित किया तो संबंधित कोचिंग सेंटर संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने कहा कि अध्यापक का कार्य राष्ट्र के निर्माण में योगदान देना है, जिसमें वह अपना पूरा सहयोग करें। उन्होंने जिले के युवाओं और छात्रों से अपील की कि वह किसी के बहकावे में आकर अपने भविष्य से खिलवाड़ न करें। कोचिंग संचालकों को सख्त निर्देश दिए कि यदि किसी भी माध्यम से यह जानकारी होती है कि उनके द्वारा अथवा उनकी कोचिंग में तैनात अध्यापकों और स्टाफ द्वारा छात्रों को भ्रमित किया जा रहा है। भ्रमित करने के साथ-साथ यातायात बाधित करने, सरकारी/गैर सरकारी भवनों, वाहनों, अन्य सार्वजनिक स्थलों एवं जनसामान्य को क्षति पहुंचाने और नियमों का उल्लंघन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है तो उनके खिलाफ आइपीसी की धारा 120 (साजिश) में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने कोचिंग संचालकों को अग्निपथ योजना के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि सरकार द्वारा जो योजना लागू की गई है, इस प्रकार की योजना कई देशों में पूर्व से लागू है। डीएम ने जिले के सभी कोचिंग संचालकों से कहा कि जितने भी बच्चे आपकी कोचिंग में किसी भी कंपटीशन की तैयारी कर रहे हैं, उन सभी छात्रों को अग्निपथ योजना के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान करें। योजना के लागू होने से युवा वर्ग को जो लाभ प्राप्त होंगे, उसके संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दें। संवाद