संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस/मुरसान।
लखीमपुर खीरी में हुई घटना के बाद यहां पूरे दिन कई स्थानों पर धरना और प्रदर्शन हुए। किसान संगठनों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर नारेबाजी कर एडीएम को ज्ञापन सौंपा। सपा ने कलेक्ट्रेट पर जमकर नारेबाजी की और धरना दिया। सपाइयों ने तालाब चौराहे पर भी धरना दिया। कांग्रेस ने शहर में जुलूस निकालने के बाद तालाब चौराहे पर धरना देकर प्रदर्शन किया। इसके बाद सर्राफा बाजार चौराहे पर नारेबाजी करते हुए प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। इस दौरान पुलिस से भी खींचतान हुई।
लखीमपुर खीरी की घटना के बाद से ही यहां किसान संगठनों में गुस्सा है। विपक्षी दलों ने भी इस मामले के लेकर सरकार को घेरने की योजना बनाई थी। सोमवार की दोपहर भाकियू के जिलाध्यक्ष चौ. मलखान सिंह की अगुवाई में किसान कलेक्ट्रेट पर पहुंचे। यहां किसानों ने जमकर नारेबाजी की।
उन्होंने मांग की कि केंद्रीय गृहराज्य मंत्री को बर्खास्त कर उन पर किसानों की हत्या का मुकदमा दर्ज हो। किसानों ने उप मुख्यमंत्री को पद से इस्तीफा देने के साथ ही मृत किसानों के परिजनों को एक करोड़ का मुआवजा, परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी, घायलों को 25 लाख रुपये देने की मांग की।
किसानों ने लखीमपुर खीरी के डीएम व एसपी को बर्खास्त करने के साथ उन पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इस मौके पर जिलाध्यक्ष चौधरी मलखान सिंह, राजकुमार सिंह, सत्यदेव सिंह, मंगल यादव आदि लोग थे। भाकियू ने अपना ज्ञापन एडीएम जेपी सिंह को सौंपा।
किसान संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने भी राज्यपाल के नाम एडीएम हाथरस को ज्ञापन दिया है। इस मौके पर संजय खान, श्याम वीर, राजेंद्र सिंह, सुग्रीव सिंह राणा, मुकेश सिंह राणा, धर्मवीर सिंह राणा, श्याम सिंह वर्मा आदि थे। सोमवार की दोपहर काफी संख्या में सपा कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां जमकर सरकार विरोधी नारे लगाए।
जिला मुख्यालय पर सपाइयों ने धरना प्रदर्शन कर राज्यपाल को प्रेषित एक ज्ञापन एडीएम को सौंपा। ज्ञापन में मृतक किसानों के परिवारों को दो-दो करोड़ रुपये की आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी देने के साथ गृहराज्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से इस्तीफा देने, दोषियों को जेल भेजने की मांग की गई है।
इस दौरान पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल ने कहा की भाजपा नेताओं द्वारा किसानों को कुचला जा रहा है। आने वाले चुनावों में किसान भी भाजपा को इसी तरह कुचल देगा। पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी भाजुद्दीन ने कहा की लखीमपुर की घटना भाजपा सरकार की अराजकता का नमूना है।
इस मौके पर जिला महासचिव जैनुद्दीन चौधरी, मूलचंद निम, पूर्व जिलाध्यक्ष भोला यादव, मुरसान चेयरमैन रजनीश कुशवाह, पूर्व महासचिव हाजी फजलुर्रहमान, शिवकुमार वार्ष्णेय, ताजेंद्र निम, भगत सिंह प्रधान, कैलाश ठैनुआं, केके प्रधान, मजीबुर्रहमान, जाविद अली, शमीम, जफरुद्दीन, अनुज यादव आदि थे।
समाजवादी युवजन सभा के कार्यकर्ताओं ने भी कलेक्ट्रेट पर विरोध में एडीएम को ज्ञापन सौंपा है। इसमें उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार जन विरोधी व किसान विरोधी है। इस सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है। इस दौरान समाजवादी युवजन सभा जिलाध्यक्ष श्याम सिंह चौधरी, हेमंत चौधरी, पंकज चौधरी, पंजाबी सिंह, गजेंद्र उपाध्याय, अनूप यादव, रोहित यादव आदि थे।
समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला महासचिव महेंद्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में भी सपाई कलेक्ट्रेट पहुंचे और वहां राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन दिया। इस मौके पर डंबर सिंह, हरवीर, विवेक यादव, अनूप यादव, धर्मवीर यादव, भोला पहलवान, संतोष सिंह, गजेंद्र उपाध्याय, वीरेंद्र सिंह, गुरचरण सिंह, सत्यवीर सिंह आदि थे।
सपा कार्यकर्ता जब स्थानीय तालाब चौराहे से कलेक्ट्रेट जा रहे थे तो पुलिस ने उन्हें वहीं रोक दिया। इस पर सपाइयों ने तालाब चौराहे के पास डॉ. राम मनोहर लोहिया की प्रतिमा के नीचे धरना देते हुए किसानों की हत्या के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर सपा के हाथरस शहर अध्यक्ष हेमंत गौड़, डॉ. आरसी लाल प्रजापति, चिंकू शर्मा, डॉ लक्ष्मण सिंह, उर्फ पप्पू, धर्मवीर चौधरी, इरफान, नवाब खान, टेकपाल कुशवाहा, वासित राजा आदि थे।
कांग्रेसी भी इस घटना के विरोध में सुबह करीब 11 बजे शहर कांग्रेस कमेटी पसरट्टा बाजार पर एकत्रित हुए। वहां से जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य की अगुवाई में जुलूस निकाला। जुलूस में सरकार विरोधी नारे लगाए गए। इसके बाद कांग्रेसी तालाब चौराहे पहुंचे। वहां धरने पर बैठ गए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए सर्राफा बाजार चौराहे पर पहुंचे और वहां प्रदेश सरकार का पुतला फूंका।
कांग्रेसियोें में प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी को लेकर भी गुस्सा था। कांग्रेसियों ने कहा कि लखीमपुर खीरी में जिस तरह से मंत्री के बेटे ने किसानों की हत्या की है। वह भाजपा सरकार का अमानवीय चेहरा है। पुतला दहन के दौरान कांग्रेसियों की पुलिस से नोकझोंक व खींचतान भी हुई।
इस मौके पर कांग्रेस के शहर अध्यक्ष विनोद कर्दम, योगेश कुमार ओके, कुलदीप सिंह, बीना गुप्ता, कृष्णा गुप्ता, मुन्नालाल शर्मा, कन्हैयालाल पुलंद, जितेंद्र गौतम, निखिलवर्ती पाठक, विकास चौधरी, संजीव वार्ष्णेय, विकास चौधरी, संतोष पंडित, काजल चौधरी, सत्यम वशिष्ठ, अनुज शर्मा, सत्यप्रकाश रंगीला, ऊदल सिंह चौधरी, लाखन सिंह आदि थे।
पुलिस प्रशासन रहा बेहद चौकन्ना
किसान संगठनों व विपक्षी दलों के प्रदर्शन को लेकर पुलिस प्रशासन खासा अलर्ट रहा। सुबह से ही कलेक्ट्रेट परिसर में काफी पुलिस व पीएसी तैनात रही। वहीं शहर में भी सपा व कांग्रेस के धरना प्रदर्शन के साथ काफी पुलिस फोर्स व अधिकारी मौजूद रहे। खुफिया तंत्र भी अलर्ट रहा।
लखीमपुर खीरी की घटना के विरोध में एडीएम को महेन्द्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में ज्ञापन देते सपाई। - फोटो : HATHRAS
लखीमपुर खीरी में हुई घटना के विरोध में एडीएम को ज्ञापन देते संयुक्त किसान मोर्चा के लोग। संवाद- फोटो : HATHRAS