हरदोई। नितिन अग्रवाल के विजय पताका फहराने के साथ ही हरदोई सदर विस सीट पर पहली बार कमल खिला। यहां पांच बार भाजपा व दो बार जनसंघ के प्रत्याशी रनर रहे, लेकिन इस चुनाव से पहले सदर सीट पर कोई भगवा नहीं फहरा सका था।
1962 में जनसंघ के महेश्वर बक्स सिंह, 1974 में भारतीय जनसंघ के उदय प्रताप सिंह दूसरे स्थान पर रहे थे। 1980 में भाजपा के गंगा भक्त सिंह, 1991 में महेशनाथ महेंद्र, 1993 में जगन्नाथ सिंह, 1996 में सुरेंद्र दुबे व 2017 में राजाबक्स सिंह रनर रहे।
1951 के चुनाव में हरदोई ईस्ट पर कांग्रेस के चंद्रहास, हरदोई सुरक्षित सीट पर किंदरलाल विधायक बने। 1957 में हरदोई सामान्य सीट पर कांग्रेस के महेश सिंह व सुरक्षित सीट पर कांग्रेस के बुलाकीराम जीते।
1962 के चुनाव में कांग्रेस के महेश सिंह, 1967 में निर्दलीय धर्मगज सिंह, 1969 में कांग्रेस की आशा सिंह, 1974 में कांग्रेस के श्रीश चंद्र अग्रवाल, 1977 में कांग्रेस के धर्मगज सिंह, 1980 में कांग्रेस से नरेश अग्रवाल, 1985 में कांग्रेस के उमा त्रिपाठी जीतकर विस पहुंचे।
1989 में नरेश अग्रवाल निर्दलीय लड़कर विधायक बने। इसके बाद 1991, 1993, 1996 के चुनावों में कांग्रेस के नरेश अग्रवाल जीते। 2002 व 2007 में सपा से नरेश अग्रवाल ने जीत दर्ज की।
उपचुनाव में बसपा से नितिन अग्रवाल विधायक बने। 2012 व 2017 में सपा से नितिन जीते, जबकि अबकी भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतने के साथ ही पहली बार सदर सीट पर कमल खिला है।