बुखार से पीड़ित महिला की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे गढ़ क्षेत्र में बुखार से जान गंवाने वालों की तादाद बढ़कर 63 हो गई है। बदलते मौसम में वायरल फीवर, मलेरिया बुखार, टायफाइड, चिकन गुनिया और डेंगू का कहर जारी है।
गांव बदरखा में चरन की पत्नी सीमा 46 वर्ष को तीन दिन पहले बुखार आया था। उन्हें गांव के निजी चिकित्सक से दवा दिलाई गई थी। आराम न होने पर उन्हें गढ़-चौपला के नर्सिंग होम से दवा दिलाई गई थी।
इसके बाद भी कोई राहत नहीं मिली और और शुक्रवार सुबह उनकी मौत हो गई। गढ़ सीएचसी अधीक्षक डॉ.रविंद्र कुमार का कहना है कि तापमान में गिरावट न होने से फिलहाल बुखार का प्रकोप बना हुआ है, जिसमें एक सप्ताह बाद गिरावट आने की संभावना मानी जा रही है।
क्षेत्रीय विधायक गजराज सिंह को चिकनगुनिया हो गया है। वही तीन दिन से वह बुखार से पीड़ित हैं। जोड़ों में दर्द की वजह से चलना भी मुश्किल है। शुक्रवार को जैसे ही कार्यकर्ताओं को क्षेत्रीय विधायक गजराज सिंह को चिकनगुनिया होने की जानकारी हुई
तो उनके घर पर हाल पूछने वालों का तांता लग गया। विधायक का कहना है चिकित्सकों ने चिकनगुनिया होने की जानकारी दी है। शहर के निजी चिकित्सकों से उनका इलाज चल रहा है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा.एके सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में है। टीम को मौके पर भेजा जा रहा है।
समाजवादी युवजन सभा के पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य अनिल आजाद ने कहा कि जिले में दर्जनों लोगों की बुखार के कारण मौत हो चुकी है। अभी भी 70 प्रतिशत लोग बुखार से पीड़ित हैं।
इसके बावजूद प्रशासन व स्वास्थ्य अधिकारियों को चिंता नही है। यदि प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लोगों को बुखार से राहत दिलाने के लिए कोई कदम नहीं उठाते तो वह इस संबंध में मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे।
इस मौके पर इकबाल कुरैशी, महेश सागर, वकील, राहुल वर्मा, निजामुद्दीन सैफी, इस्लाम कुरैशी, राहत अली, कालीचरण, गोपाल, रमन वर्मा आदि मौजूद रहे।