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13 मौतों का जिम्मेदार वसीम मेरठ बाईपास से गिरफ्तार

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13 मौतों का जिम्मेदार वसीम मेरठ बाईपास से गिरफ्तार
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हापुड़। धौलाना में अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट से 13 मजदूरों की मौत हो जाने का जिम्मेदार बताए जा रहे वसीम को पुलिस ने रविवार को हापुड़ के ही मेरठ बाईपास से गिरफ्तार कर लिया। धमाके के वक्त वह फैक्टरी में मौजूद था। उसके हाथ झुलस गए। फैक्टरी के बाहर उसकी कार खड़ी थी। वह इसे छोड़कर भाग गया। मोबाइल से उसकी लोकेशन ट्रेस करके पुलिस उस तक पहुंची। वह रिश्तेदार के यहां छिपा हुआ था। वहां से घर आते समय पकड़ लिया गया। वह अवैध पटाखा फैक्टरी का संचालक है।
हापुड़ के मोहल्ला कानूनगोयन का निवासी वसीम पुराना अतिशबाज है। उसने दिल्ली के न्यू ब्रिजपुरी निवासी दिलशाद खान से फैक्टरी तीन महीने पहले किराए पर ली थी। इसमें पटाखे बनवा रहा था। उसने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह पटाखों के निर्माण को देखने के लिए रोज ही फैक्टरी में जाता था। शनिवार को वह पहुंचा ही था कि धमाका हो गया। यह बहुत ही जबरदस्त था। इसलिए, वह वहां से पैदल ही भाग निकला। पुलिस से बचने के लिए रिश्तेदारी में चला गया था। एएसपी सर्वेश कुमार ने बताया कि उसे रविवार दोपहर को पकड़ लिया गया। धमाका मामले में उसके और दिलशाद के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं। टीमों ने 40 से ज्यादा स्थानों पर दबिश दी। इसके बाद वसीम हाथ आया। दिलशाद का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
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घायलों को तड़पता छोड़ गया
जिन मजदूरों को वसीम ने पटाखा बनाने के काम में लगाया था, उन्हें तड़पता हुआ छोड़कर भाग गया। एक मजदूर को धमाके के बाद उसके सामने ही आकर गिरा। फैक्टरी के अंदर चीख-पुकार मची थी। अगर वसीम ने तुरंत ही पुलिस को फोन कर दिया होता तो एंबुलेंस और दमकल कुछ और पहले आ सकती थीं। उसने इस पर ध्यान ही नहीं दिया। कार से निकला और भाग गया।
आगरा लैब में होगी बारूद की जांच
फोरेंसिक टीम ने अवैध पटाखा फैक्टरी से नमूने लेकर आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिए हैं। प्रदेश में विस्फोटक की जांच का इंतजाम सिर्फ आगरा लैब में ही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता के आधार पर नमूनों की जांच कराई जा रही है। सोमवार शाम तक इसकी रिपोर्ट मिल जाने की संभावना है। इससे पता चलेगा कि विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक क्यों रही?
पहले भी जा चुका है जेल, बदलता रहता है ठिकाने
दलालों के जरिए खरीदता था बारूद, चल रहे हैं कई अवैध कारखाने
हापुड़। 13 मौतों का जिम्मेदार वसीम अवैध रूप से पटाखे तैयार कराने का बड़ा खिलाड़ी निकला। वह हापुड़ का पुराना आतिशबाज है। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि वह दस से ज्यादा कारखाने लगा चुका है। दोस्तों की साझेदारी में भी उसका काम चल रहा है। पकड़े जाने के डर से वह ठिकाने बदलता रहा है। बारूद की उसे कभी कमी नहीं हुई। यह दलालों के जरिए आसानी से मिल जाता है। उसने बताया कि वह जेल भी जा चुका है।
उसने पुलिस को बताया कि धौलाना क्षेत्र से पहले उत्तराखंड में उसका पटाखे बनाने का कार्य करता था, लेकिन वहां हादसा होने के बाद काम बंद कर दिया गया था। अमरोहा में उसने साझेदारी फैक्टरी का संचालन किया। हापुड़ में शहर के अलावा उबारपुर और चितौली में पटाखे बनवाने का काम कर चुका है। धौलाना में तीन महीने पहले ही किराए पर बिल्डिंग लेकर काम शुरु किया था। यहां से पटाखे पंजाब में भेजे जाते थे। एसपी दीपक भूकर ने बताया कि फैक्टरी मालिक दिलशाद को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वसीम ने बताया है कि धौलाना और पिलखुवा क्षेत्र निवासी कुछ दलालों की मदद से वह बारूद की व्यवस्था करता था। पुलिस अब दलालों की तलाश कर रही है।
10 से ज्यादा लोग पुलिस हिरासत में
धमाके के मामले पुलिस ने दस से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। ये सभी दिलशाद और वसीम के सहयोगी बताए जा रहे हैं। पुलिस इनसे पूछ रही है कि पटाखे बनाने के लिए वसीम बारूद कहां से लाता था। हालांकि, वसीम ने पूछताछ में बताया है कि उसे यह आसानी से मिल जाता था। क्योंकि वह लंबे समय से पटाखे बनाने का काम कर रहा है।कि पुलिस पकड़ लेगी। इसके बाद चितौली में काम शुरु किया। तीन महीने पहले धौलाना में फैक्टरी खोल ली।
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मशीन का सिलिंडर फटने से हुआ था धमाका
वसीम ने पूछताछ में बताया कि पटाखे बनाने फैक्टरी में हाइड्रोलिक मशीन रखी थी। इसका सिलिंडर फट गया। यह बारूद के ढेर के पास में थी। इससे बारूद में आग लग गई और धमाका हो गया। इस धमाके में वह झुलस गया था और उपचार कराने के लिए वहां से भाग गया था।
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