दावा - रामपुर रोड पर एसटीपी चालू, काली नदी में गिर रहा शोधित पानी
हापुड़। जल निगम द्वारा रामपुर रोड पर तैयार किया एसटीपी (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) चालू हो गया है। अगले माह इसका औपचारिक उद्घाटन होने की उममीद है। जल निगम के अधिकारियों ने दावा किया है कि प्लांट बनने के बाद शहर के एक चौथाई नालों का गंदा पानी एसटीपी से शोधित होकर काली नदी में गिर रहा है। वहीं, किसानों की फसलों के लिए भी यह पानी उपयोग होगा और सीवर के वेस्ट से जो खाद बनेगी वह भी फसल के लिए लाभदायक रहेगा।
नगर में अमृत योजना के तहत सीवर लाइन डालने का कार्य किया जा रहा था। 47 करोड़ की लागत से एसटीपी और 35 करोड़ की लागत से पाइप लाइन बिछाने का कार्य पिछले साल से चल रहा था। नगर के रामपुर रोड पर बन रहे एसटीपी पर बुलंदशहर रोड और दिल्ली रोड क्षेत्र की लाइन समाप्त हो रही है। जल निगम के अफसरों की माने तो एसटीपी बनकर तैयार हो गया है और इसे चालू कर शहर के एक चौथाई निकासी के पानी को शोधित करना शुरू कर दिया गया है। शोधित होने के बाद ही पानी को काली नदी में डाला जा रहा है।
प्लांट का औपचारिक उद्घाटन अगले माह अप्रैल में किया जा सकता है। एसटीपी बनने से काली नदी में गिरने वाली गंदगी भी बंद हो जाएगी। आने वाले समय में जनपद के किसानों को सिंचाई के पानी के लिए तरसना नहीं पड़ेगा। इसके पानी को किसानों की खेती में सिंचाई के लिए भी प्रयोग किया जा सकेगा।
खाद देगी खेतों को संजीवनी -
जल निगम के अफसरों ने बताया कि एसटीपी के जरिए जो गंदगी साफ होगी। उससे खेतों में डालने के लिए खाद तैयार की जाएगी। जिससे मिट्टी की पैदावार बढ़ेगी। अब किसान जो केमिकल युक्त खाद अपने खेतों में डाल रहा है, उसके जरिए पानी खेतों में नहीं रुक पाता है। जबकि अच्छी फसल के लिए खेतों मे पानी रुकना बेहद जरूरी है। इस खाद को खेतों में डालने के बाद पानी रुक जाएगा और किसानों को अच्छी फसल मिल जाएगी। केमिकल वाली खाद डालने के लिए जितने घंटे किसान का नलकूप चलता है, एसटीपी की खाद के बाद उससे आधे घंटे ही नलकूप चल पाएगा।
सीवर लाइन की खुदाई से भी राहत -
अप्रैल माह में ही नगर वासियों को सीवर लाइन की खुदाई से भी राहत मिल जाएगी। जल निगम के अधिशासी अभियंता खंड बुलंदशहर अनिल कुमार ने बताया कि पिछले काफी दिनों से रामपुर रोड पर नगर वासियों को सीवर लाइन की खुदाई से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही नगर की सभी सड़कें भी ठीक करवा दी जाएगी।
फेस टू में ट्रीट होगा पूरे शहर का पानी-
अमृत योजना के फैस टू में शहर के गढ़ रोड पर एक ट्रीटमेंट प्लांट प्रस्तावित है। इसका प्रस्ताव शासन को बनाकर भेजा जा चुका है। फेस वन का कार्य पूरा होने के बाद फेस टू का कार्य पूरा शुरू होगा। योजना के पूरा होने के बाद पूरे शहर का पानी ट्रीट होने के बाद ही काली नदी में जाएगा। जिसके बाद गंगा को प्रदूषण मुक्त करने में सहयोग मिल सकेगा।