सीमा विस्तार और विकास कार्यों को रफ्तार मिलने की बढ़ी उम्मीद
हापुड़। भाजपा की एकतरफा जीत से जिले में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है। आचार संहिता हटने के बाद रुके हुए कार्य शुरू हो सकते हैं। नवनिर्वाचित विधायक भी प्राथमिकता वाले विकास कार्य कराने का भरोसा दे रहे हैं। कार्यों की प्रगति के लिए उन्होंने सौ दिन का समय मांगा है।
हरेंद्र सिंह गढ़ को हरिद्वार की तर्ज पर विकसित करना चाहते हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं को पूरा कराने का प्रयास करेंगे। हापुड़ सदर से दूसरी बार जीते विजयपाल आढ़ती जिले की सीमा विस्तार के अटके हुए प्रस्ताव में तेजी लाने, औद्योगिक क्षेत्र को हापुड़ में शामिल कराने का कार्य प्राथमिकता में रखेंगे। हापुड़ की सीमा विस्तार की फाइल वर्षों से अटकी पड़ी है। बुलंदशहर और मेरठ के डीएम के साथ जिले के अधिकारियों की वार्ता से इसका समाधान हो सकता है। बाबूगढ़ बछलौता रोड का निर्माण कराना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। जिन गांवों में सड़क निर्माण या दूसरे विकास कार्य किसी कारण से पूरे नहीं हो पाए हैं उन्हें भी पूरा कराने पर ध्यान देंगे।
आचार संहिता हटने पर 450 करोड़ के कार्यों को मिलेगी गति
विधानसभा चुनाव के लिए लगी आचार संहिता हटने के बाद जिले में करीब साढ़े चार सौ करोड़ के विकास कार्यों को गति मिलेगी। जिला जेल, पुलिस लाइन, स्टेडियम, एआरटीओ कार्यालय, बछलौता रोड, जिला न्यायालय का निर्माण, स्टेडियम जैसे बड़े कार्यों के लिए जिला प्रशासन धन का इंतजार कर रहा है। हापुड़ में ही करीब सौ करोड़ के कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण हाल फिलहाल में हुआ था। इनमें से कुछ के निर्माण के लिए शासन से धनराशि आने का भी इंतजार है।
आचार संहिता से प्रभावित योजनाएं और अनुमानित लागत-
पुलिस लाइन - सौ करोड़
जिला जेल -सौ करोड़
एआरटीओ कार्यालय- 10 करोड़
बछलौता सड़क - 12 करोड़
जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय- तीन करोड़
जिला न्यायालय - दो सौ करोड़
असौड़ा स्टेडियम -2.5 करोड़
धौलाना स्टेडियम - 50 लाख
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छात्रों को टैबलेट का हो सकता है वितरण
आचार संहिता के चलते मेधावी छात्रों को टैबलेट और स्मार्ट फोन वितरण पर भी रोक लग गई थी। जिलेभर से 22 हजार आवेदन प्राप्त हुए थे। पहले चरण में 2560 छात्रों को टैबलेट बंटने थे। इनमें से हापुड़ के भी 60 छात्रों को टैबलेट मिले थे। विद्यालय स्तर पर टैबलेट वितरण के आदेश मिलने के बाद 2560 छात्रों को भी सूचित कर दिया गया था, लेकिन आचार संहिता लगने के बाद यह कार्य रुक गया था। डीएम अनुज सिंह ने इस संबंध में अधिकारियों को पूरी स्थिति की जानकारी ली है।