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कक्षा में नहीं लग रहा बच्चों का मन, पूछ रहे कब होगी छुट्टी

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कक्षा में बच्चों को पढ़ाती शिक्षिका - फोटो : HAPUR
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कक्षा में नहीं लग रहा बच्चों का मन, पूछ रहे कब होगी छुट्टी
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हापुड़। कोरोना महामारी में लंबी छुट्टियों के बाद स्कूल पहुंचे छात्रों को कलम चलानी मुश्किल हो रही है। पढ़ाई में भी मन नहीं लग रहा है। बच्चे स्कूल आने के थोड़ी देर बाद ही घर जाने की हठ कर रहे हैं। बार-बार शिक्षकों से यही पूछते हैं कि छुट्टी कब होगी। हालांकि स्कूलों मे ंऐसे बच्चों की काउंसलिंग भी की जा रही है। शिक्षकों को छात्रों के साथ ही काफी मेहनत करनी पड़ रही है।
जिले में दो अप्रैल 2020 को कोरोना का पहला मामला मिला था, इससे पहले ही विद्यालय बंद कर दिए गए थे। तीन लहरों में स्कूल छह महीने ही खुल सके हैं। छात्रों की पढ़ाई इसमें सबसे अधिक प्रभावित हुई है। संक्रमण कम होने पर सात जनवरी से नर्सरी स्कूलों को भी खोल दिया गया है।
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लेकिन छात्रों के व्यवहार से लेकर पढ़ाई लिखाई में काफी अंतर देखने को मिल रहा है, कक्षा पांचवीं तक में जो छात्र पहले काफी मेधावी होते थे, अब उन पर भी शिक्षकों को बाकी छात्रों के बराबर ही मेहनत करनी पड़ रही है। कक्षाओं में एक घंटा सिर्फ छात्रों की लेखनी को सुधारने पर दिया जा रहा है। बच्चे कक्षा में बैठे परेशान से दिखते हैं।
निबंध लिखने में लग रहा डेढ़ घंटे तक का समय-
शुरूआती कक्षाओं में छात्रों को निबंध, कविता आदि लिखने के लिए दी जाती हैं। लेकिन इन दिनों छोटी कक्षाओं के 30 प्रतिशत छात्र ऐसे हैं, जिन्हें निबंध लिखने में डेढ़ घंटा तक लग रहा है।
व्याकरण त्रुटियों के साथ लेखनी हो गई खराब
छात्र लिखने के दौरान व्याकरण (ग्रामर)में त्रुटियां खूब कर रहे हैं, साथ ही उनकी लेखनी भी पहले से कहीं अधिक खराब हो गई है। इसमें सुधार जरूरी है, क्योंकि परीक्षाओं में इसके आधार पर ही अंक मिलते हैं।
अभिभावकों को देना होगा ध्यान
बच्चे अभी स्कूल आने से बच रहे हैं। स्कूल आने के बाद बच्चों का मन पढ़ाई में कम लग रहा है। ऐसे बच्चों पर अभिभावकों को ध्यान देना होगा। बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाते हुए उनके लिए कुछ समय निकालना होगा।
नर्सरी के बच्चों में उत्साह
निजी स्कूलों में नर्सरी के बच्चों को किताबी ज्ञान के अलावा इन दिनों प्रायोगिक पढ़ाई कराई जा रही है। इसमें खेलों के साथ साथ तस्वीरों, खिलौनों के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है। नर्सरी के बच्चे घर से ज्यादा कक्षाओं में खुश लग रहे हैं।
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बच्चों के साथ करनी पड़ रही अधिक मेहनत
ऑनलाइन कक्षाओं के दौरान बच्चों को शिक्षकों ने कड़ी मेहनत से पढ़ाया। लेकिन काफी दिन तक बच्चों के स्कूल नहीं आने से उनकी लिखने, पढ़ने की क्षमता प्रभावित हुई है। अब बच्चों के साथ कक्षाओं में अधिक मेहनत करनी पड़ रही है।--सुनीता बिदानी, प्रधानाचार्या, दीवान पब्लिक स्कूल।
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