खुलासा : कर्ज से परेशान झोलाछाप ने साथियों के साथ डाली थी डकैती
हापुड़। सिंभावली के गांव भोवापुर मस्ताननगर निवासी चीनी मिल कारोबारी के घर पांच दिन पहले हुई डकैती का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव देहरा निवासी झोलाछाप ने अपने गिरोह के साथ मिलकर डकैती डाली थी। झोलाछाप ने कर्ज उतारने के लिए डकैती की योजना बनाई थी। वह दिल्ली में एक लूट की घटना में जेल भी जा चुका है।
सिंभावली के भगवती गंज कॉलोनी निवासी महेंद्र गोयल ऊर्फ टीटू (शीरे वाले) का गजरौला में सल्फर प्लांट है। उनकी पत्नी कल्पना गोयल वर्तमान में भोवापुर मस्ताननगर की ग्राम प्रधान हैं। 22 नवंबर को दिनदहाड़े हथियारों से लैस नकाबपोश सात बदमाशों ने ग्राम प्रधान समेत तीन लोगों को बंधक बनाकर घर में डकैती डाली थी। बदमाश घर से हजारों की नकदी व लाखों के आभूषण ले गए थे। डकैती का पर्दाफाश करने के लिए थाना सिंभावली प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र कुमार व एसओजी प्रभारी धर्मेंद्र सिंह, नसीम खान व पारस मलिक को लगाया गया था। शुक्रवार शाम एक सूचना पर पुलिस ने गांव बक्सर के पास से दिल्ली के थाना मियावली क्षेत्र के सैय्यद नागलोई पश्चिम विहार निवासी हरदीप सिंह, थाना निहाल क्षेत्र के गुरुनानक एंक्लेव चंद्र विहार निलोठी निवासी रिंकू उर्फ हरप्रीत, राजा, जनपद बिजनौर के थाना नजीबाबाद क्षेत्र के आजाद मार्केट निवासी जावेद व हापुड़ के थाना बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव देहरा निवासी आरिफ उर्फ झोलाछाप को गिरफ्तार कर लिया।
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पंद्रह दिन पहले ही बनाई थी डकैती की योजना
झोलाछाप आरिफ गांव देहरा में ही क्लीनिक चलाता है। वह अक्सर प्रधान के घर के पास स्थित एक मेडिकल स्टोर से दवाई लेने के लिए आता था। आते जाते उसने लोगों से सुना था कि शीरे वाले की हैसियत ठीक ठाक है। इसके बाद उसने अपने पुराने गिरोह के साथ 15 दिन पहले डकैती की योजना बनाई। आरोपी ने बताया कि डकैती में दिल्ली निवासी गंजा, प्रिंस लंगड़ा, सोनू व हरियाणा के रेवाड़ी निवासी ललित उर्फ टीकला भी शामिल रहे। पुलिस इनकी तलाश में दबिश दे रही है।
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कई दिन तक की रेकी, गढ़ में रुके दो रात
11 नवंबर को चारों बदमाश सिंभावली आए थे। दिनभर रेकी के बाद ये मेले में चले गए। ठंड लगने पर चारों ने गढ़ में कैलाश होटल में कमरा लिया। 12 नवंबर को बदमाशों को डकैती को अंजाम देना था। लेकिन 12 नवंबर को महेंद्र गोयल के घर में कथा होने के कारण पांव पीछे खींच लिए। इसके बाद ड्राइवर हरप्रीत कुछ काम बताकर अपनी ईको कार लेकर लौट गया। तभी से बदमाश डकैती डालने के लिए मौके की तलाश कर रहे थे। घटना के बाद सभी बदमाश ऑटो और बाइकों से फरार हो गए।
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सीसीटीवी से हुई ऑटो की पहचान -
इस पूरे प्रकरण में सीसीटीवी ने अहम भूमिका निभाई। सीसीटीवी खंगालने पर पुलिस ने एक ऑटो को ट्रेस कर लिया, इसके बाद एक के बाद एक कड़ियां जुड़ती चली गईं। पुलिस बदमाशों के करीब पहुंच गई।