हापुड़ में लगेंगे पेठा उद्योग को पंख, शुरू होंगी 149 इकाइयां
हापुड़। अब वह दिन दूर नहीं जब हापुड़ की पहचान आगरा की तर्ज पर पेठा उद्योग के रूप में होगी। एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) की फेहरिस्त में शासन ने हापुड़ के पेठा को शामिल किया है। इसके तहत जिले में 149 पेठे उत्पाद की इकाइयां लगेंगी। किसान/आवेदकों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक इकाई पर 10 लाख रुपये तक का अनुदान मिलेगा, जो कीमत का 35 प्रतिशत होगा।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र और प्रदेश की सरकार की ओर से खेतीबाड़ी से जुड़े करीब 24 उत्पादों को ओडीओपी के रूप में चुना गया है। हर जिले के लिए अलग फसल का चयन हुआ है, सरकार इन उत्पादों के के जरिए इनसे जुड़े किसानों की न सिर्फ आय बढ़ाएगी, बल्कि इनमें निवेश को भी आकर्षित करेगी। इससे स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के मौके भी उपलब्ध हो सकेंगे।
एक इकाई पर आएगा 30-40 लाख का खर्च
पेठा प्रसंस्करण की इकाई लगाने पर 30-40 रुपये तक खर्च जाएगा। कीमत का 35 प्रतिशत या अधिकतम 10 लाख रुपये का अनुदान सरकार देगी, जो सीधे लाभार्थियों के खातों में ही भेजा जाएगा।
जिले के 3500 हेक्टेयर रकबे में उगता है पेठा
जिले के करीब 3500 हेक्टेयर रकबे में हर साल पेठा की खेती होती है। आगरा समेत विभिन्न जिलों के कारोबारी यहां से पेठा खरीदकर ले जाते हैं। लेकिन ओडीओपी योजना में शामिल होने के बाद क्षेत्रफल में बढ़ोतरी होगी, जिसका सीधा लाभ किसानों को होगा।
सहायता करेगी सरकार
आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत खेतीबाड़ी के करीब दो दर्जन ऐसे उत्पादों को चिन्हित किया गया है। हापुड़ में पेठा प्रसंस्करण से जुड़ी इकाइयों को प्रशिक्षण, क्षमता विस्तार, गुणवत्ता सुधार, ब्रांडिंग, परियोजना रिपोर्ट बनाने के लिए वित्तीय व तकनीकी सहायता और बाजार उपलब्ध कराने में सरकार मदद करेगी।