गन्ने के बकाया भुगतान के लिए किसानों ने कलक्ट्रेट पर किया हंगामा
हापुड़। सिंभावली और ब्रजनाथपुर शुगर मिलों द्वारा गन्ने का बकाया भुगतान न करने पर नाराज किसानों ने कलक्ट्रेट का घेराव कर हंगामा और प्रदर्शन किया। वहीं तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। एडीएम को ज्ञापन सौंपकर जल्द समस्याओं का समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी।
जिलाध्यक्ष दिनेश खेड़ा ने कहा कि जिले के किसानों का गन्ना पांच मिलों पर सप्लाई होता है, जिसमें दूसरे जिले के तीन मिलों ने किसानों को पूरा भुगतान कर दिया है। लेकिन सिंभावली और ब्रजनाथपुर मिल ने अभी भी करीब 250 करोड़ रुपये भुगतान रोका हुआ है। किसान आर्थिक तंगी में डूबे हैं, ऐसे में मिल द्वारा भुगतान नहीं किए जाने से किसानों की हालत और खराब हो रही है।
सिंभावली और ब्रजनाथपुर क्षेत्र के किसानों को स्वेच्छा से गन्ना मिलों के क्रय केंद्र उपलब्ध कराए जाने चाहिएं। मिल द्वारा गत माह किसानों को विद्युत बिक्री का 15 करोड़ अन्य उपयोग में ले लिया गया है, जिसेे वापस कराकर किसानों का भुगतान कराया जाए। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार किसानों को 14 दिन में भुगतान कराया जाए। आलू, गेहूं की बुवाई का समय नजदीक आते ही खाद की कालाबाजारी होने लगी है, इस पर नियंत्रण लगना चाहिए।
किसानों ने कृषि कानूनों का विरोध करने के साथ ही लखीमपुर खीरी की घटना के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई के साथ केंद्रीय गृह राज्य मंत्री की बर्खास्तगी की मांग उठाई।
ज्ञापन सौंपने वालों में बबली सिंह, दिनेश त्यागी, हबीब चौधरी, मास्टर जमील, शब्बू चौधरी, अफजाल प्रधान, साजिद, बिट्टू, जीते चौहान, विरेंद्र चौधरी, गुलजार खां, भानु सिद्धू, मनोज त्यागी, सुंदर त्यागी, विशाल निर्वाण, असलम खां, अरमान, फुरकान, इरशाद, ताज मोहम्मद आदि मौजूद रहे।