अस्पतालों में बेड फुल, वार्ड के बाहर लगाना पड़ रहा बिस्तर
हापुड़। जिले में बुखार का प्रकोप बढ़ गया है। निजी अस्पतालों के बेड फुल हैं। हाल यह है कि वार्ड के बाहर बेड डालकर मरीजों का उपचार किया जा रहा है। निजी चिकित्सकों के यहां घंटों की वेटिंग चल रही है। 30 प्रतिशत से अधिक मरीजों को रोजाना बाहर के अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है।
जिले में पिछले एक माह पहले वायरल बुखार का प्रकोप शुरू हुआ था। लेकिन अब डेंगू ने पैर पसार लिए हैं। जिले में लगभग 100 मरीजों में पुष्टि भी हो चुकी है। आलम यह है कि शहर के मुख्य निजी अस्पताल फुल चल रहे हैं। इन अस्पतालों में मरीजों को रखने की जगह भी नहीं है। बुजुर्गों को थोड़ी हालत खराब होते ही चिकित्सक मेरठ या गाजियाबाद रेफर कर रहे हैं।
अतरपुरा में 6 वर्षीय बच्चे की मौत
मोहल्ला अतरपुरा में बुखार से पीड़ित छह साल के बच्चे की शनिवार को मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि दो दिन पहले बुखार आया था, आराम लगने पर बच्चे ने दशहरे का त्योहार भी मनाया। लेकिन शनिवार को अचानक उसकी मौत हो गई। जिससे परिजनों में कोहराम मच गया है।
सबली प्रधान की हालत गंभीर, मेरठ भर्ती
सबली के ग्राम प्रधान की हालत भी गंभीर बताई जा रही है। परिजनों ने बताया कि चिकित्सकों ने उन्हें डेंगू बताया है, ब्लड प्लेटलेट्स 22 हजार के करीब रह गई हैं। उनका उपचार मेरठ में चल रहा है। गांव में बहुत से मरीज बुखार से पीड़ित हैं।
नली हुसैनपुर में स्वास्थ्य विभाग ने लगाया कैंप
गांव नली हुसैनपुर में शनिवार को सीएचसी अधीक्षक के नेतृत्व में टीम ने डेरा डाल दिया। डॉ दिनेश खत्री ने बताया कि गांव में वायरल और टायफॉयड का प्रकोप अधिक है। मृतकों की जांच रिपोर्ट देखी गई, जिसमें सिर्फ एक डेंगू का संदिग्ध मरीज था। मरीजों के सैंपल जांच को लैब भिजवाए गए हैं। वहीं मरीजों को गांव में दी जा रही जांच रिपोर्ट को लेकर भी संदेह जताया गया है, जिस मामले में बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
इन गांवों बुखार का प्रकोप अधिक
गांव बिगास, नली हुसैनपुर, रसूलपुर, गढ़ी, अल्लीपुर साथ ही शहरी क्षेत्र के मोहल्लों में भी बुखार से लोगों की हालत खराब है। बड़ी संख्या में मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं।
टायफॉयड लीवर को पहुंचा रहा नुकसान
बुखार से पीड़ित मरीजों को टायफॉयड जकड़ रहा है, जो रोगियों के लीवर को नुकसान पहुंचा रहा है। इससे मरीजों को उल्टियां लग रही हैं, भूख न लगने की समस्या, चक्कर आना, कमजोरी, बेहोशी छाने जैसे लक्षण आ रहे हैं।
गांवों में भेजी जा रही टीमें
बुखार के रोगियों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। गांव, शहर में टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं। बुखार के मरीजों की जांच कराने के साथ ही दवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। गलत रिपोर्ट बनाने वाले को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।