खतरनाक स्तर पर पहुंच गया शहर का प्रदूषण
हापुड़। जिले में प्रदूषण का स्तर तीन दिन में 100 एक्यूआई तक बढ़ गया है। पहले जहां नवंबर-दिसंबर में इस तरह के हालात होते थे। इस बार अक्तूबर में ही जिले की हवा का इतना दूषित होना किसी खतरे से कम नहीं है। शनिवार को जिले का एक्यूआई 290 दर्ज किया गया। जबकि तीन दिन पहले एक्यूआई 192 मापा गया था। हालांकि इस स्थिति से निपटने के लिए शनिवार से एनसीआर क्षेत्र में ग्रेप की पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। धूल उड़ाने कूड़ा जलाने जैसे मामलों में नगर पालिका जुर्माना वसूलेगी।
हापुड़ की वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। शनिवार को धुंध के साथ हापुड़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बढ़कर 290 पहुंच गया है। मौसम में बदलाव के साथ अचानक एक्यूआई में बढ़ोतरी आने वाले दिनों के लिए गंभीर संकेत दे रहे हैं।
रात में ठंड और सुबह को पड़ने लगी धुंध -
मौसम में बदलाव के साथ वातावरण में प्रदूषण का स्तर भी बढ़ने लगा है। वातावरण में इस परिवर्तन के कारण रात में ठंड और सुबह के समय धुंध पड़नी शुरू हो गई है। पिछले दो-तीन दिन से रात का तापमान 24 डिग्री पहुंच गया है, जबकि दिन में अभी भी गर्मी है और तापमान 35 डिग्री है।
----
दिनांक एक्यूआई
14 अक्तूबर 192
15 225
16 290
------
जिले में ग्रेप के तहत होगी कार्रवाई -
हापुड़ का एक्यूआई ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) और राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के नियमों के तहत कार्रवाई होगी। इसे शनिवार से जिले में भी लागू कर दिया गया। एनजीटी के अन्य नियमों का भी सख्ती से ही पालन कराया जाएगा। इसके तहत खुले में कूड़ा जलाने पर नगर पालिका 25 हजार तक जुर्माना वसूल सकती है। इसके अलावा खुले में बिल्डिंग मैटीरियल डालने पर भी कार्रवाई होगी।
नवंबर-दिसंबर में 500 तक पहुंच जाता है एक्यूआई -
दिवाली के बाद नवंबर-दिसंबर के सर्द मौसम में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है। हापुड़ जिले का भी एक्यूआई 400-500 के बीच पहुंच जाता है। हर साल जिले में इसी प्रकार के हालात रहते हैं। इस कारण लोगों को घर से बाहर निकलना और सांस लेना तक मुश्किल होता है। इस बार समय से पहले ही एक्यूआई का बढ़ना आने वाले दिनों में खराब हालातों की ओर इशारा कर रहा है।
----
सर्दियां आने के दौरान धुंध से वातावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ना लाजमी है, लेकिन अचानक तीन दिन में प्रदूषण के स्तर का तेजी से बढ़ना खतरनाक है। इसके लिए लोगों को सचेत रहना होगा। -सलमान राणा, स्टेशन इंचार्ज, प्रदूषण नियंत्रण।