लोग नाव के सहारे कर रहे आवागमन।
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मुख्यालय में बेतवा और यमुना नदियों में आई बाढ़ से लोगों की जान सांसत में है। दोनों नदियां खतरे के निशान से ऊपर से बह रही हैं। यमुना नदी में रविवार को चार लाख क्यूसेक पानी कोटा बैराज से छोड़े जाने से स्थिति और बिगड़ती जा रही है। इससे मुख्यालय के निचले स्थानों पर बस्तियों में पानी घुस गया है। पानी घुसने से लोग अपना सामान समेटकर ऊंचाई वाले स्थानों पर पलायन करने में जुट गए हैं। सोमवार को तीन बजे बेतवा नदी का जलस्तर 104.760 मीटर पर पहुंच गया है। वहीं यमुना नदी का जलस्तर 104.180 मीटर पर पहुंच गया है। फिलहाल बेतवा नदी 60 सेमी और यमुना नदी 20 सेमी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। दोनों नदियों में पानी की रफ्तार 15 सेमी प्रति घंटा हो गई है।
नदियों के फैलाव लेने से हमीरपुर-राठ मार्ग के ऊपर से पानी निकलने लगा है। देर रात तक मार्ग बंद हो जाने की संभावना है। वहीं कई मार्गों के ऊपर से पानी निकलने लगा है। कुरारा क्षेत्र में पारा जाने वाले मार्ग के ऊपर से पानी गुजरने लगा है। वहीं टिकरौली मार्ग में दो स्थानों पर पानी भरने से लोग नावों के सहारे आ जा रहे हैं।
मुख्यालय में नदी किनारे के डिग्गी मोहल्ला, पुराना बेतवा घाट व पुराना यमुना घाट की बस्तियों में पानी घुसने लगा है। दोनों नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जिससे इन नदियों के किनारे के गांव पानी से जलमग्न होने लगे हैं। मुख्यालय के निकट डिग्गी डेरा सहित अन्य डेरों में घरों में पानी घुसने लगा है। इसके चलते कई परिवार अपना सामान समेट कर ऊंचाई के स्थानों पर जा रहे हैं।
बेतवा नदी में माताटीला बैराज से शनिवार को छोड़ा गया चार लाख क्यूसेक पानी कहर ढा रहा है। वहीं इस बांध से एक लाख 88 हजार क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है। उधर पहले से उफान पर चल रही यमुना नदी में कोटा बैराज से चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बाढ़ विकराल होती जा रही है। बाढ़ को लेकर लोग सांसत में हैं।
उधर मौदहा बांध(निर्माणखंड) के अधिशाषी अभियंता आलोक कुमार सिन्हा ने बताया कि बेतवा नदी में माताटीला बांध से एक लाख 88 हजार क्यूसेक पानी सोमवार को छोड़ा गया है। जिसका असर करीब 12 घंटे बाद फिर दिखाई देगा। बताया कि यमुना नदी में कोटा बैराज से छोड़े गए चार लाख क्यूसेक पानी के मुख्यालय तक आने में करीब सात दिन लगेंगे। अनुमान है कि मंगलवार की सुबह तक बेतवा नदी 105 मीटर के ऊपर पहुंच जाएगी।