हमीरपुर। बीते माह नदियों में आई बाढ़ ने लिफ्ट कैनालों को भी भारी क्षति पहुंचाई है। फाउंडेशन, बार्ज और नहरों को क्षति पहुंची है। इधर अगले माह से रबी अभियान में लिफ्ट कैनाल चलाकर किसानों को पलेवा के लिए पानी मुहैया कराया जाना है। इनमें खासकर यमुना नदी से संचालित मेरापुर लिफ्ट कैनाल को बाढ़ में क्षति पहुंचने से विभाग ने मरम्मत के लिए एस्टीमेट तैयार किया है। इसके लिए 13 लाख मांगे गए हैं।
जिले में विभिन्न नदियों से 10 पंप कैनाल संचालित हैं। लेकिन दशकों से शासन से मरम्मत के लिए बजट नहीं दिया गया है। वर्ष 2014-15 से शुरू प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से भी जिले को एक भी बजट नहीं मिला है। लिफ्ट कैनालों का सही ढंग से संचालन न होने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में हर वर्ष लाखों रुपये की फसलें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। मेरापुर पंप कैनाल में कगार धंसकने से इनके पाइप, केबल, फाउंडेशन आदि बह गए हैं।
96 करोड़ से होना था कायाकल्प
10 पंप कैनालों के जरिए करीब 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई की जाती रही है। जीर्णशीर्ण पड़ी पंप कैनालों में सिंचाई क्षमता बढ़ाने के प्रयास सफल नहीं हो पा रहे हैं। प्रधानमंत्री सिंचाई योजना से लिप्ट कैनालों को सुचारु रूप से संचालित करने को लघुडाल नहर विभाग ने वर्ष 2015-16 में 96 करोड़ का प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेजा था। लेकिन बजट अभाव में कायाकल्प नहीं हो सका है। विभाग में मरम्मत व नहरों की सिल्ट सफाई पर आने वाला बजट संविदा कर्मियों पर खर्च हो रहा है। ऐसे में संचालन पर विपरीत असर पड़ रहा है। जिससे किसानों की सिंचाई प्रभावित हो रही है।
संचालित नहरों पर एक नजर
पंप कैनाल क्षमता एरिया
मेरापुर 10 क्यूसेक तीन किमी
रमेड़ी 7.5 क्यूसेक तीन किमी
सुरौलीखुर्द 2.5 क्यूसेक 1.5 किमी
सहुरापुर 50 क्यूसेक 15 किमी
सहजना 30 क्यूसेक 10 किमी
भौली 25 क्यूसेक 10 किमी
बिलौटा 22.5 क्यूसेक 8 किमी
छानी 50 क्यूसेक 15 किमी
बैजेमऊ 30 क्यूसेक 10 किमी
पत्योरा 60 क्यूसेक 15 किमी
मेरापुर निवासी किसान रामजीवन ने बताया बाढ़ से मेरापुर पंप कैनाल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। पंप कैनाल के पाइप बाढ़ में बह गए हैं। वहीं भारी कटान होने से इसके मरम्मत में लंबा समय लगेगा। जिससे किसानों की सिंचाई प्रभावित होगी।
दीपक ने बताया कैनाल की मरम्मत नहीं हो रही है। हर साल बाढ़ से नदी की कगारे बह जाती हैं। करीब 200 बीघे जमीन भी बहने के साथ मकान भी जमींदोज हो चुके हैं। उन्होंने बताया उनकी मांग को नजरंदाज किया जा रहा है।
जनपद में कुल 10 पंप कैनाल संचालित हैं। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से पूर्व में प्रस्ताव बनाकर शासन को कैनालों की मरम्मत के लिए बजट मांगा जा चुका है। लेकिन अभी तक बजट नहीं मिला है। मेरापुर पंप कैनाल बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गई है। जिसके मरम्मत के लिए 13 लाख का एस्टीमेट तैयार किया है। जिसका कार्य जल्द ही शुरू होगा। कहा पत्योरा पंप कैनाल का भी प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। -एसके त्रिवेदी, अधिशासी अभियंता, लघु डाल नहर