इसी दौरान उसने यह भी बताया कि मीटिंग के बाद वह लखनऊ आएगी। युवक द्वारा नौकरी की इच्छा जाहिर करने पर उसने सहायक इंजीनियर पद पर नियुक्त करने का भी भरोसा दिया था। इसके पांच दिन बाद युवती ने खुद को मुंबई एयरपोर्ट पर फंसा हुआ बताकर खाते में युवक से 48500 रुपये मंगाए और वादा किया कि वह लखनऊ में मिलकर पैसे लौटा देगी। युवती ने इंजीनियर को बताया कि वह मुंबई एयरपोर्ट पर है और उसे इम्रीग्रेशन डिपार्टमेंट से क्लियरेंस नहीं मिल रहा है। उसके पास यूएस डॉलर हैं। क्लियरेंस के लिए भारतीय मुद्रा की जरूरत है।
झांसे में आकर इंजीनियर ने युवती के कहने पर पश्चिमी दिल्ली की रहने वाली परमिंदर कुमारी के खाते में रुपये भेज दिए। अगले दिन फोन कर युवती ने 7500 रुपये और मांगे। इसके बाद ही इंजीनियर को संदेह हो गया। वह शिकायत लेकर पुलिस कार्यालय पहुंचा और इसकी जानकारी दी। एसएसपी के आदेश पर साइबर सेल ने जांच की तो पूरा खेल सामने आ गया।