जाम से निजात दिलाने के क्रम में पार्किंग को लेकर जीडीए ने सख्ती शुरू कर दी है। पहले दिन होटल, रेस्त्रां और शापिंग कांप्लेक्स समेत नौ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को प्राधिकरण की तरफ से नोटिस भेजा गया है। जिनके पास पार्किंग हैं उन्हें उसे चलाने के लिए 15 दिन की मोहलत दी गई है, जबकि जिनके पास नहीं है, उन्हें पार्किंग बनवाने के लिए एक महीने का वक्त दिया गया है।
जीडीए की तरफ से कराए गए सर्वे में 54 ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठान चिह्ति किए गए हैं जिनक ी पार्किंग नहीं चल रही। इनमें कुछ ऐसे हैं जिनके पास पार्किंग है ही नहीं तो कुछ ऐसे भी हैं जो पार्किंग होने के बाद भी उसका इस्तेमाल नहीं कर रहे। सर्वे के दौरान कई चाैंकाने वाले मामले सामने आए हैं। कुछ ऐसे प्रतिष्ठान चिह्नित किए गए जिन्होंने पार्किंग के लिए बेसमेंट बनवाया मगर उसमें दुकान चला रहे हैं। इसी तरह ऑटो मोबाइल का एक दुकानदार पार्किंग के लिए बनवाए गए बेसमेंट का इस्तेमाल गाड़ियों की सर्विसिंग करते पाया गया। लच्क्षीपुर में तो पार्किंग के स्थान पर रेस्त्रां चलते मिला।
जीडीए का कहना है कि ये सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान ऐसी जगहाें पर हैं जहां ट्रैफिक का दबाव ज्यादा है। अगर ये पार्किंग का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं तो निश्चित तौर पर लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
इनको भेजा गया नोटिस
निर्माणाधीन इंद्रलोक-मेनका, रुंगटा बिल्डिंग, शंकर कांपलेक्स, विट्ठल मार्केट, ऑटो प्वाइंट, शारदा डाइनिंग, वी-मार्ट आदि
सर्वे कराकर ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को चिह्नित किया गया है जिनके पास पार्किंग नहीं है या फिर वे उसका इस्तेमाल नहीं कर रहे। सभी को नोटिस भेजा जा रहा है। मैं खुद इसकी मानीटरिंग कर रहा हूं। तय समय के भीतर अगर इन प्रतिष्ठानों ने पार्किंग की व्यवस्था नहीं की या फिर इस्तेमाल शुरू नहीं किया तो उन्हें सील कर दिया जाएगा। इस मामले में किसी को कोई छूट नहीं मिलेगी।
- शिव श्याम मिश्रा, उपाध्यक्ष जीडीए