गेल के मुख्य महाप्रबंधक एस एन यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस- वाराणसी से गोरखपुर गैस पाइपलाइन बिछाने क?
वाराणसी से गोरखपुर तक गैस पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा
गोरखपुर। गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) की तरफ से वाराणसी से गोरखपुर तक प्राकृतिक गैस की पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है। ट्रायल भी सफल रहा। 30 जून को इसका कमीशन कर दिया गया। यानी पाइपलाइन से आपूर्ति होने वाली गैस का अब व्यवसायिक इस्तेमाल किया जा सकता है। फिलहाल इससे हिन्दुस्तान उर्वरक प्राइवेट लिमिटेड (एचयूआरएल) द्वारा बनाए जा रहे गोरखपुर खाद कारखाना और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट के तहत गोरखपुर, कुशीनगर और संतकबीरनगर के 1.78 लाख घरों तक पाइपलाइन से रसोई गैस पहुंचाने का काम कर रही कंपनी टोरेंट को गैस मिलेगी। टोरेंट को इन तीनों जिलों में 36 सीएनजी स्टेशन भी खोलने हैं।
गेल के मुख्य महाप्रबंधक एसएन यादव ने बुधवार को पार्क रोड स्थित होटल क्लार्क में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। शासन-प्रशासन और किसानों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बिना सभी के सहयोग के समय से यह प्रोजेक्ट पूरा करना मुमकिन नहीं था। खाद कारखाना का काम दिसंबर 2020 तक पूरा होगा। इसी तरह टोरेंट भी अगले साल तक ही शहर के कुछ घरों तक पाइपलाइन से गैस पहुंचाने की स्थिति में होगी। ऐसे में तबतक पाइपलाइन की सुरक्षा के लिए पाइपलाइन में नाइट्रोजन गैस भरी गई है।
किसानों की जमीन समतल करा रहा गेल
गेल के मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि वाराणसी से गोरखपुर तक विभिन्न जिलों के करीब दो सौ गांवों से होकर गैस पाइपलाइन गुजरी है। इससे जिन किसानों के खेतों में खुदाई की गई थी, गेल उन्हें समतल करा रहा है। ज्यादा तक कांट्रेक्टर यह काम पूरा करने का दावा कर रहे हैं मगर किसान छले न जाए इसलिए गेल ने उन्हें सभी किसानों से इस बात का अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने को कहा है। उन्होंने बताया कि पाइपलाइन बिछाने के लिए जिनकी जमीन अधिगृहीत की गई थी उन्हें 90 करोड़ का मुआवजा देना था। इसमें से 70 करोड़ का मुआवजा वितरित किया जा चुका है, अब उन्हीं किसानों का मुआवजा बाकी है जिनके जमीन या खेतों से जुड़े दस्तावेज पूरे नहीं हैं।
जिले गांव जिनसे होकर पाइपलाइन गुजरी
वाराणसी 4
जौनपुर 29
आजमगढ़ 54
अंबेडकरनगर 22
संतकबीरनगर 07
गोरखपुर 80
खेत-जमीन समतल नहीं होने पर यहां करें शिकायत
9118690687
7394984394