गोंडा। देवीपाटन मंडल मुख्यालय पर राज्य विश्वविद्यालय खोले जाने की कवायद अमल में आने लगी है। मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल राज्य विश्वविद्यालय खोलने के लिए बजट में टोकन मनी भी जारी किया गया था। पिछले एक साल से जमीन तलाशने की कवायद जारी थी।
जमीन की तलाश पूरी करने के बाद विश्वविद्यालय स्थापना के लिए प्रशासन ने प्रस्ताव भेजा था। उसी की जांच करने के लिए मंगलवार को राज्य स्तरीय टीम ने मुआयना किया, और मानक पूरा होने की बात कही। ऐसे में तय हो गया है कि डोमाकल्पी गांव में शीघ्र ही विश्वविद्यालय स्थापित होगा, जिससे देवीपाटन मंडल के चारों जिलों को फायदा मिलेगा।
फरवरी 2021 में योगी सरकार की स्वीकृति के बाद जिले के परसपुर के डोमाकल्पी गांव में राज्य विश्वविद्यालय खोले जाने का प्रस्ताव भेजा गया था। वहां पर 58 एकड़ भूमि का प्रबंध भी राजस्व विभाग ने कर दिया है। मंगलवार को शासन से अधिकारियों की टीम ने डोमाकल्पी पहुंचकर प्रस्तावित स्थल का परीक्षण किया।
अधिकारियों ने गांव के लोगों से जानकारी किया। साथ ही रेलवे स्टेशन, जिला मुख्यालय, बस स्टाप से स्थल की दूरी के बारे में जानकारी की। अधिकारियों की टीम ने संकेत दिया है कि जल्द ही वह अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप देंगे।
देवीपाटन मंडल में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए कई सालों से प्रयास हो रहे थे, लेकिन शासन स्तर से पहल न होने से सपना पूरा नहीं हो पाया था।
राजकीय इंजीनियरिंग कालेज का निर्माण पूरा होने को है और मेडिकल कालेज का निर्माण शुरू हो गया है। राज्य विश्वविद्यालय की आवश्यकता बताई जा रही थी।
मंडल के डिग्री कालेज दो विश्वविद्यालयों में बंटे हुए हैं। छात्रों व शिक्षकों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसको देखकर शासन ने जिले में राज्य विश्वविद्यालय खोले जाने की स्वीकृति दी थी।
बजट सत्र में स्वीकृति होने के बाद से यहां भी मांगें तेज हो गई थीं। मंगलवार को शासन से विशेष सचिव उच्च शिक्षा मनोज कुमार, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमित भारद्वाज, अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी देवेंद्र मणि की टीम ने प्रस्तावित राज्य विश्वविद्यालय के लिए डोमाकल्पी ग्राम में चिन्हित भूमि का निरीक्षण किया।
इस दौरान उप जिलाधिकारी करनैलगंज हीरालाल भी टीम के साथ मौजूद रहे।
परीक्षण के समय ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अरविंद पांडे, कृष्ण कुमार शुक्ल, गुरमुख सिंह कानूनगो, तिलकराम लेखपाल, विनय यादव, रमेश वर्मा, नीरज, दिव्य प्रकाश फार्म सुपरवाइजर, जितेंद्र सिंह, प्रदीप पांडे, रामसेवक यादव, उमाशंकर जयसवाल, रामनाथ प्रजापति, बृजेश कुमार आदि मौजूद रहे।
राज्य विश्वविद्यालय के लिए परसपुर के डोमाकल्पी में प्रस्तावित 58 एकड़ भूमि का परीक्षण शासन की टीम ने किया। टीम ने भूमि के आकार, आवागमन की सुगमता, कोई भौतिक अवरोध यथा नदी, रेलवे लाइन, जल भराव आदि के बारे में जानकारी प्राप्त की।
टीम ने मुख्यालय से प्रस्तावित स्थल पर आने जाने को यातायात प्रबंध की जानकारी किया। माना जा रहा है कि प्रस्तावित स्थल तक आवागमन की सुविधा सुगम है। शहर से कटहाघाट होते हुए भी रास्ता है और बालपुर से परसपुर होकर स्थल तक जाने का रास्ता है।
सड़कों की स्थिति को भी देखा। यही नहीं रेलवे स्टेशन भी ज्यादा दूर नहीं है। फिलहाल शासन के अधिकारी अपनी रिपोर्ट जल्द ही सौंपेंगे। पीडब्लूडी प्रस्तावित भूमि पर विश्वविद्यालय के खर्च का बजट तैयार करेगा।