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बदलेगी शहर की सूरत, निडर होकर घर से निकलेंगी महिलाएं

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गोंडा शहर का अंबेडकर चौराहा। - फोटो : GONDA
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गोंडा। दिल्ली के निर्भया कांड के बाद महिला सुरक्षा को लेकर सजगता बरती जा रही है। महिला सुरक्षा को लेकर चल रही कोशिशों के बीच लखनऊ की तर्ज पर प्रदेश के 18 मंडल मुख्यालयों पर सेफ सिटी योजना शुरू होगी।
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अब शहर की सूरत बदली-बदली होगी। अब महिलाएं निडर होकर घर से निकल सकेंगी। महिलाओं के लिए सीसी टीवी कैमरे व जीपीएस सिस्टम की सिटी बसें चलेंगी। पिंक बस स्टाप, पिंक टॉयलेट, स्ट्रीट लाइटों के साथ ही शहर में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई सुविधाएं लागू की जाएंगी।
महिला सुरक्षा को और बेहतर बनाने के इरादे से प्रदेश के 19 मंडल मुख्यालयों पर सेफ सिटी प्रोजेक्ट लागू किया गया है। इसमें बांदा, मिर्जापुर, आजमगढ़, अयोध्या के साथ ही गोंडा को भी तरजीह दी गई है।
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जिले में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पांच विभागों ने तैयारी शुरू कर दी है। प्रोबेशन, आरटीओ, नगर पालिका, पुलिस व विद्युत विभाग ने महिलाओं को सुरक्षा व सुविधा मुहैय्या कराने के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है। जल्द ही इसके लागू होते ही शहर की सूरत बदली होगी।
महिलाओं के लिए सीसी टीवी कैमरे व जीपीएस सिस्टम की पिंक सिटी बसें चलेंगी। पिंक बूथ, पिंक टॉयलेट, स्ट्रीट लाइटों सहित चौक चौराहों पर सीसी टीवी कैमरे लगाए जाएंगे। महिला पुलिस की पांच स्कॉर्ट टीमें भी मोबाइल रहकर सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाएंगी।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस महकमे ने हाई पिक्सल सीसी कैमरा लगाने के लिए शहर के 100 स्थानों को चिन्हित किया है। यहां कुछ स्थानों पर फिक्स कैमरे लगाए जाएंगे तो कई जगहों पर मूविंग कैमरा लगाया जाएगा।
जिससे चौराहों से जुड़े सभी मार्गों पर नजर रखी जा सके। इसके साथ ही शहर में पेट्रोलिंग के लिए महिला पुलिस की पांच स्कॉर्ट टीम मोबाइल रहेगी। महिलाओं को परेशानी की सूचना पर यह टीमे त्वरित मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेंगी।
शहर के प्रमुख स्थानों पर पिंक बूथ पिंक आउट पोस्ट बनाने केे प्रस्ताव तैयार किया गया है। पिंक बूथ प्रीफैब्रिकेटेड होंगे। इन बूथों पर भी सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे। यानि सीसी टीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही पिंक बूथों की निगरानी की जिम्मेदारी महिला पुलिस टीम की होगी।
महिलाओं के लिए पिंक सिटी बसों में सीसी टीवी कैमरा, पैनिक बटन व जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा। जीपीएस सिस्टम को इंटीग्रेटेड स्मार्ट कन्ट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। जिससे अगर बसों में महिलाओं को कोई भी व्यक्ति परेशान करता है या छेड़छाड़ करता है तो पैनिक बटन दबाते कन्ट्रोल रूम को पता चल जाएगा कि बस का लोकेशन कहां है यानि बस किस रूट पर जा रही है और कहां पहुंची है। इससे चंद पल में लोकेशन के आधार पर महिला पुलिस पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी।
शहर के एक दर्जन से अधिक स्थानों पर पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे। इसके संचालन की जिम्मेदारी नगर पालिका करेगा। इसी तरह तीन दर्जन से अधिक स्थानों पर लाइटिंग की व्यवस्था विद्युत विभाग करेगा। जिसमें जरूरत के हिसाब से लाइट्स का प्रकार, पावर, मास्ट व पोल लगाए जाएंगे। जिससे महिलाओं को अंधेरे का फायदा उठाकर कोई परेशान न कर सके।
सेफ सिटी प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी पांच विभागों को दी गई है। इसमें इन विभागों की भूमिका अहम होगी। सेफ सिटी प्रोजेक्ट में प्रोबेशन, आरटीओ, नगर पालिका, पुलिस व विद्युत विभाग की अलग-अलग भूमिका होगी।
प्रोबेशन विभाग आशा ज्योति केन्द्र में काउंसलिंग रूम, कंप्यूटर रूम, आरक्षी रूम, सेल्टर रूम, मीटिंग हॉल व किचेन तैयार कराएगा। आरटीओ को पिंक सिटी बसों व पिंक बूथ के संचालन की जिम्मेदारी निभानी होगी।
जबकि पुलिस विभाग शहर के चौक चौराहों समेत, पिंक बूथों पर सीसी कैमरे लगवाने के साथ ही बसों में सुरक्षा उपकरण लगवाने से लेकर महिलाओं की सुरक्षा की कमान संभालेगा। इसी तरह नगर पालिका पर पिंक टॉयलेट बनवाएगा और उसका संचालन भी कराएगा। बस स्टॉप पर व चिन्हित स्थानों पर लाइटिंग काम विद्युत विभाग निभाएगा।
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