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डबल डेकर बसों को बना दिया मालवाहन, चोरी से कर रहे माल की ढुलाई

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गोंडा। गोंडा से दिल्ली तक चलने वाली स्लीपर बसें अब माल ढुलाई का जरिया बन गई हैं। इन बसों में यात्रियों के साथ लाखों का माल चोरी छिपे लादकर एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में पहुंचा जा रहा है। सरकार को लाखों का चूना लग रहा है।
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ये स्लीपर बसें व्यापारियों के लिए टैक्स चोरी का साधन बन चुकी हैं। डबल डेकर बसें सिर्फ यात्रियों को ही नहीं बल्कि भारी भरकम लगेज भी बसों में छिपाकर लाती हैं और उसे गंतव्य तक पहुंचा कर गाढ़ी कमाई करने के साथ-साथ एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश को जाने वाले भारी भरकम टैक्स वाली सामग्री को बिना टैक्स के पहुंचा रही हैं।
अमर उजाला के प्रतिनिधि की पड़ताल में सोमवार की भोर तकरीबन पांच बजे ऐसा ही नजारा देखने को मिला। करनैलगंज में गोंडा से दिल्ली जाने वाली स्लीपर बस के निचले हिस्से में करीब 25 भारी-भरकम बंडल छिपाकर लाए गए थे।
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इसमें विक्रय करने की सामग्री स्पेयर पार्ट, डेंट, पेंट एवं अन्य कीमती सामग्री, जिस पर सरकार द्वारा 18 प्रतिशत से अधिक टैक्स लागू कर रखा गया है। सामान को बस के निचले हिस्से से उतारा जा रहा था।
यह कोई पहली घटना नहीं है। सरकार को मिलने वाले भारी भरकम टैक्स की चोरी की जाती है और इस स्लीपर बस के मालिक उसके मददगार साबित होते हैं, जबकि इसकी भनक न परिवहन विभाग को और न सेलटैक्स विभाग को होती है।
इन बसों के बेतहाशा संचालन पर परिवहन विभाग खामोश नजर आ रहा है। बता दें कि दो वर्षों में स्लीपर बसों से कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, जिसमें कई लोगों को जान गवानी पड़ी। उसके पीछे सिर्फ क्षमता से अधिक सवारियों को भरने के साथ ही भरकम सामान को लोड करना भी है।
दिल्ली से टैक्स चोरी करके लाया जाने वाला माल जिला मुख्यालय के साथ ही बहराइच के जरवल रोड, करनैलगंज, परसपुर, रगड़गंज, नवाबगंज, तरबगंज समेत एक दर्जन कस्बों में भेजा जाता है। टैक्स चोरी करके माल मंगाने वाले व्यापारी इससे अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
स्लीपर बसों में गोंडा से दिल्ली तक जाने व आने की एक ट्रिप में माल ढुलाई को लेकर 50 हजार का वारान्यारा किया जा रहा है। गोंडा से दिल्ली के लिए हर रोज 15 से 20 स्लीपर बसें यात्रियों को लेकर जाती है। यात्रियों के साथ उनके सामान के अलावा व्यवसायी दिल्ली से अपना माल भी मंगाते है। माल ढुलाई की व्यवसायी बस संचालकों को मुंह मांगी कीमत भी चुकाते हैं। परिवहन नियमों को ताक पर रखकर यात्री बस में माल ढुलाई का कारोबार चल रहा है।
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