गोंडा में पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुजेड़ में प्रार्थना सभा में भाग लेते बच्चे।
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गोंडा। कोरोना संक्रमण के कारण बंद चल रहे स्कूलों में अब पढ़ाई का दौर धीरे-धीरे शुरू हो रहा है। मंगलवार को जिले के परिषदीय व सहायता प्राप्त 990 उच्च प्राथमिक स्कूलों में कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई शुरू हो गई। छह माह बाद उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाई शुरू होने से छात्रों में उत्साह दिखा। स्कूलों में पढ़ाई बंद होने के बाद से शिक्षकों ने छात्रों को मोहल्ला क्लास और ऑनलाइन पढ़ाई के माध्यम से जोड़ रखा था। बारिश की वजह से पहले दिन कम बच्चे ही स्कूल आए। शिक्षकों ने स्कूल आए बच्चों से अन्य बच्चों को कल से आने का संदेश भी भिजवाया।
स्कूलों में बच्चों के लिए शौचालय व पीने के पानी की व्यवस्था दुरुस्त रही। कोरोना प्रोटोकॉल लागू करने के लिए शिक्षकों ने क्लास में बच्चों को बैठाने की व्यवस्था की थी। जिले के 990 स्कूलों में पढ़ाई हो रही है। मंगलवार से कक्षा 6 से 8 तक के करीब एक लाख बच्चों की पढ़ाई शुरू हो गई है। अभी स्कूलों में दिन वार कक्षा तय करके पढ़ाई कराई जा रही है। स्कूलों में ज्यादा भीड़ न हो, इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। शिक्षकों को एक माह से संकुल बैठकों के माध्यम से पढ़ाई के तरीके बताए जा रहे हैं।
परिषदीय स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बंद होने से शिक्षा की गुणवत्ता में कमी न होने पाए, इसके लिए अभिभावकों का सहयोग लिया जाएगा। उन्हें जागरूक करने के लिए शिक्षक शिक्षा चौपाल लगाएंगे और पढ़ाई में अभिभावकों को उनके योगदान के बारे में बताएंगे। इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। वजीरगंज के आदर्श स्कूल पूर्व माध्यमिक विद्यालय बाबा मेठिया में शिक्षक सुनील आनंद ने पहले दिन प्रोजेक्टर से बच्चों को पढ़ाया। उन्हें रोजाना स्कूल आने के लिए प्रेरित किया।
पहले दिन बारिश का दिखा असर
बेलसर (गोंडा)। उच्च प्राथमिक विद्यालयों के परिसर एक बार पुन: बच्चों के कलरव से गूंज उठे। मार्च के बाद शासन के निर्देश पर खुले उच्च प्राथमिक विद्यालय चांदपुर में आज सुबह से ही बारिश होने से बच्चों की उपस्थिति पर इसका असर दिखाई दिखा। नामांकित 83 के सापेक्ष मात्र दस बच्चे ही उपस्थित हुए। स्कूल आए बच्चों का उत्साह दिखा। बच्चों के इतने दिन बाद विद्यालय पहुंचने पर शिक्षक राजेश कुमार शुक्ल, सीमा सिंह, पूजा मिश्रा, संध्या मिश्रा ने उनका स्वागत पुष्पवर्षा से किया। पहले दिन शिक्षकों ने बच्चों की वर्तमान शैक्षिक स्थिति को जांचा परखा व इतने दिन के अंतराल को कड़ी मेहनत से पूर्ण करने हेतु प्रोत्साहित किया। बच्चों ने दोगुनी उत्साह से अपनी पढ़ाई के लिए मेहनत करने के लिए संकल्प लिया। विद्यालय स्तर पर हर छात्र-छात्रा का तापमान इफ़्रारेड थर्मामीटर से लेकर व सभी के हाथों को सैनिटाइज कराकर ही कक्षा में प्रवेश दिया गया। शिक्षक राजेश शुक्ल ने बताया कि इसके लिए विद्यालय स्तर पर पूर्व से तैयारी कर ली गई थी। जूनियर हाईस्कूल मुजेड़ में शिक्षकों ने बच्चों को मास्क वितरण किया। वरिष्ठ शिक्षक और संगठन प्रतिनिधि श्नरेन्द्र कुमार सिंह ने प्रार्थना स्थल पर बच्चों को कोविड से सुरक्षा के उपायों से अवगत कराया। प्रधानाध्यापक राम दीन और प्रधानाध्यापिका जया सिंह ने संयुक्त रूप से बच्चों को विद्यालय आने के पहले मास्क की अनिवार्यता पर बल दिया। विनय कुमार सिंह, बीना सिंह, विनीता चौधरी आदि रहीं। इटियाथोक में बारिश के चलते स्कूल का पहला दिन होने से शिक्षक तो पहुंच गए, लेकिन छात्र नहीं पहुंच सके। काफी देर बाद इक्का दुक्का छात्र ही स्कूलों में पहुंचे। कई स्कूलों में बारिश के चलते जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। लगातार हो रही बारिश से स्कूल के रास्ते व परिसर में पानी भरा हुआ है।