गोंडा। यूपी बोर्ड के इंटर व हाईस्कूलों में पढ़ाई के कार्यक्रम तय कर दिए गए हैं। यूपी बोर्ड शैक्षिक कैलेंडर से स्पष्ट है कि 15 जनवरी 2022 तक कोर्स पूरे कर लिए जाएं। फरवरी 2022 में प्रयोगात्मक परीक्षाओं का आयोजन होगा। इसके बाद मार्च 2022 के आखिरी सप्ताह में बोर्ड परीक्षा संभावित है। पूरे साल की पढ़ाई का खाका खींचा गया है और इसी के तहत जिले के 483 हाईस्कूल व इंटर कालेजों में पढ़ाई होगी।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शिक्षा सत्र 2021-22 के कैलेंडर के अनुसार मार्च 2022 के आखिरी सप्ताह में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा होगी। फरवरी आखिरी सप्ताह में बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा होगी। वार्षिक गृह परीक्षाएं फरवरी में पूर्ण होंगी। नवंबर के तीसरे सप्ताह में अर्द्धवार्षिक परीक्षा होगी। 15 जनवरी तक स्कूलों को निर्धारित कोर्स को पूरा करना है। फिलहाल तिथियां कोविड महामारी के संबंध में सरकार की ओर से जारी दिशा निर्देशों के अधीन होंगी। मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक, मंडलीय उपशिक्षा निदेशक और जिला विद्यालय निरीक्षक को बोर्ड से शैक्षणिक सत्र 2021-22 का अकादमिक कैलेंडर के अनुसार पठन-पाठन सुचारु रूप से लागू करने का निर्देश दिया है। सत्र की शुरुआत 20 मई 2021 से ऑनलाइन शिक्षण कार्य से हुई थी। 16 अगस्त से हाईस्कूल व इंटर कालेजों में विद्यार्थियों की भौतिक उपस्थिति के साथ कक्षाओं का संचालन हो चुका है। नवंबर के द्वितीय सप्ताह में अर्द्धवार्षिक परीक्षा की प्रयोगात्मक परीक्षाएं तय की गई है। तीसरे सप्ताह में अर्द्धवार्षिक की लिखित परीक्षा होगी।
अप्रैल से शैक्षिक सत्र शुरू करने की तैयारी
लिखित परीक्षा के बाद दिसंबर के दूसरे सप्ताह में अंकपत्र परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाना है। 15 जनवरी तक कक्षा 9,10,11 एवं 12 का ऑनलाइन और ऑफलाइन शिक्षण कार्य पूरा करना है। 24 से 31 जनवरी तक प्री बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा होगी। फरवरी के पहले सप्ताह में प्री बोर्ड की लिखित परीक्षा एवं 9 और 11 की वार्षिक गृह परीक्षा होनी है। फरवरी के तीसरे सप्ताह तक प्रीबोर्ड परीक्षा और वार्षिक परीक्षा के अंक परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करना है। आगामी शैक्षणिक सत्र 2022-23 की शुरुआत अप्रैल माह से होगी।
विद्यार्थियों को कॅरियर के प्रति करेंगे जागरूक
इंटर कालेजों में विद्यार्थियों को कॅरियर के प्रति जागरूक भी करेंगे। इसके लिए हर पखवारे में एक दिन स्थानीय प्रशासनिक अफसर, डॉक्टर, इंजीनियर, पुलिस अफसर, बैंक अफसर व उद्यमी को विद्यालय में आमंत्रित करें। वह छात्रों को संबोधित करेंगे और उन्हें करियर के प्रति जागरूक करें। इसके अलावा दिसंबर माह में विद्यालय में 12वीं के विद्यार्थियों के लिए विशेषज्ञों के नेतृत्व में कॅरियर काउंसिलिंग सप्ताह का आयोजन किया जाए।
9 वीं की परीक्षा को नए प्रारूप कराने की तैयारी
नए शैक्षिक सत्र में कक्षा 9 की लिखित अर्द्धवार्षिक एवं वार्षिक परीक्षा नए प्रारूप पर होगी। प्रश्नपत्र में दो खंड होंगे। प्रथम खंड में पूर्णांक के 30 प्रतिशत अंकों के बहुविकल्पीय प्रश्न तथा द्वितीय खंड में पूर्णांक के 70 प्रतिशत अंकों के वर्णनात्मक प्रश्न होंगे। छात्रों को इसके लिए तैयारी भी कराई जा सकेगी।
बनेगा स्वास्थ्य कार्ड, हर छात्र का होगा ईमेल
स्कूलों में विद्यार्थियों का हर महीने विभाग के सहयोग से स्वास्थ्य परीक्षण होगा, साथ ही स्वास्थ्य कार्ड बनेगा। छात्रों के रिपोर्ट कार्ड में अर्द्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षा के प्राप्तांक के साथ स्वास्थ्य का विवरण भी अंकित रहेगा। ऑनलाइन शिक्षण को प्रभावी रूप से लागू किए जाने के लिए डीआईओएस प्रधानाचार्य को वेबिनार के माध्यम से प्रशिक्षित करेंगे। पुस्तकें दीक्षा पोर्टल पर परिषद की वेबसाइट पर लिंक रूप में उपलब्ध हैं। उसे विद्यार्थियों को डाउनलोड कराया जाए। शिक्षक दीक्षा, यू-ट्यूब, एवं अन्य पोर्टल पर छात्रों को अध्ययन सामग्री लिंक के माध्यम से उपलब्ध कराएं। डिजिटल लिट्रेसी को बढ़ाने के लिए प्रत्येक विद्यार्थी की ईमेल बनवाई जाए, साथ ही हर विद्यालय की वेबसाइट हो। वेबसाइट का नवंबर तक प्रत्येक विद्यालय को पूरा करना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत स्कूलों में कार्यशाला का आयोजन हो। साथ ही स्कूल प्लान विकसित किया जाए। जिसमें स्कूल स्तर की गतिविधियां शामिल हों। हर विद्यालय की स्मारिका प्रकाशित हो। ताकि बच्चों को लेख लिखने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। स्मारिका की प्रति परिषद को भेजनी है।
कॉलेजों में पढ़ाई शुरू है और गतिविधियों का आयोजन तय समय सारणी के आधार पर होगा। इसके लिए कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं। - राकेश कुमार, डीआईओएस