गोंडा। रेलवे आवासों की छत व छज्जा का गिरने का सिलसिला जारी है। गत 50 दिन के भीतर चार आवासों के छत व छज्जा गिर चुके हैं। रेलवे प्रशासन की लापरवाही का आलम यह है कि डेढ़ माह पूर्व जिस रोड व कालोनी में आवास का छत गिरा था। उसी कालोनी में शनिवार की देर रात सेमरा कॉलोनी के रोड नंबर 9 के अंतर्गत एक आवास की पूरी छत अचानक अचानक भरभरा कर गिर गई। गनीमत रहा कि उस आवास में रहने वाले बलरामपुर गए थे। जिससे कोई हताहत नहीं हुआ।
रेलवे प्रशासन भले ही कर्मचारियों को सुरक्षा देने में कोई कोताही न बरतने की बात कहती है। मगर रेलवे के अधिकारी कर्मचारियों के प्रति कितने जिम्मेदार हैं। इसी से पता चल जाता है। पिछले 50 दिन के भीतर चार आवासों के छत व छज्जे ढह चुके हैं। इसमें दो रेल कर्मी घायल भी हो चुके हैं।
शनिवार की रात सेमरा रेलवे कॉलोनी के अंतर्गत रोड नंबर 9 में स्थित एल- 197 का क्वार्टर का पूरा छत गिर गया। यह आवास रेल कर्मचारी भुल्लर जोकि पैरेट विभाग में हेल्पर के पद पर कार्यरत है, को आवंटित है।
संबंधित कर्मचारी भुल्लर शुक्रवार की ड्यूटी के बाद क्वार्टर में ताला लगा कर किसी कारण से बलरामपुर गया था। बगल रहने वाले रेल कर्मचारी संतोष शर्मा का कहना है कि हम लोग कहां जाएं कुछ पता नहीं चल पा रहा है। इस संबंध में पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ डिवीजन के अपर मंडल रेल प्रबंधक शिशिर सोमवंशी ने बताया की गोंडा रेलवे यार्ड में बने क्वार्टरों को चिन्हित किया जा चुका है। बहुत जल्दी एक व्यवस्था की जाएगी। जिससे कर्मचारियों को कम से कम परेशानी हो उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा जाएगा।