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साइकिल की दुकान से मंत्री के मुकाम तक

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सांसद बृजभूषण शरण सिंह के साथ विधायक पल्टूराम। - फोटो : GONDA
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गोंडा। गोंडा शहर से सटी ग्राम पंचायत भट्ठा परेड गांव में एक गरीब परिवार में जन्मे पल्टूराम मौजूदा समय बलरामपुर सदर से भाजपा विधायक हैं। वर्ष 1995 से पहले जिला पंचायत के बगल साइकिल की दुकान करने वाले पल्टूराम ने रविवार को योगी सरकार में मंत्री की शपथ ली तो गोंडा और बलरामपुर के लोग गदगद हो उठे।
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पल्टूराम भले ही बलरामपुर सदर से विधायक हैं लेकिन राजनीतिक पृष्ठभूमि गोंडा से ही तैयार हुई। कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह के परम हितैषी पल्टूराम उन्हें अपना गुरु मानते हैं। विधायक बनने के बाद पल्टूराम ने तामझाम नहीं रखा। सादगी के साथ अपने घर का काम वह खुद करते हैं।
गोंडा जिला मुख्यालय से सटे परेड सरकार गांव के गरीब किसान परिवार में जन्में विधायक पल्टूराम इसके पहले वर्ष 2000 में पहली बार भदुआ तरहर जिला पंचायत क्षेत्र से सदस्य बने। जिला पंचायत अध्यक्ष रहे बृजकिशोर भारती के समय गोंडा जिला पंचायत के उपाध्यक्ष बनाए गए।
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2005 में जिला पंचायत अध्यक्ष का पद महिला के लिए आरक्षित हुआ तो इसी क्षेत्र से उनकी पत्नी ज्ञानमती चुनाव जीतकर आईं। सांसद बृजभूषण शरण सिंह की बदौलत उनकी पत्नी ज्ञानमती जिला पंचायत की अध्यक्ष बनीं। 2007 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने उन्हें मनकापुर सुरक्षित सीट से लड़ाया।
लेकिन वह मात्र 4622 मतों से हार गए। 2010 में पल्टूराम की पत्नी ने भदुआ तरहर क्षेत्र से दोबारा जीत दर्ज की। 2015 में उन्होंने क्षेत्र बदलकर गिर्द गोंडा क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीता। वर्ष 2017 में उन्हें भाजपा ने पड़ोसी जिले बलरामपुर सदर सुरक्षित सीट से प्रत्याशी बनाया तो वहां भारी मतों से जीत गए।
परास्नातक तक पढ़ाई करने वाले पल्टूराम की छवि एक ईमानदार विधायक के रूप में है। वह गोंडा-बलरामपुर की जनता के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। विधायक के साथ वाहनों का कोई काफिला नहीं चलता और न ही सुरक्षा गार्डों की फौज होती है। इसलिए कोई अदना सा आदमी भी उनसे बेरोकटोक मिल सकता है।
प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से एक ओर जहां गली-मोहल्ले के बीजेपी कार्यकर्ता धौंस जमाने से नहीं चूकते हैं, वहीं बलरामपुर सदर से भाजपा विधायक पल्टूराम की सादगी एक मिसाल बनी हुई है। लॉकडाउन के दौरान अपने घर की बागवानी में पौधों को पानी देते हैं और सब्जी की खेती की स्वयं देखरेख करते है।
गोंडा नगर के सिविल लाइन क्षेत्र के रघुकुल नगर में विधायक का परिवार रहता है। वह अपने घर की देखरेख के साथ अपने क्षेत्र में अधिकांश समय बिताते हैं। गोंडा से निकलते समय पल्टूराम अपने बड़ों का आशीर्वाद लेना नहीं भूलते। सबको साथ लेकर चलने वाले पल्टूराम ने रविवार को मंत्री की शपथ ली तो लोग झूम उठे।
सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने राजनीति का ककहरा सीख उनके ही सानिध्य में वर्ष 2017 में पल्टूराम पहली बार विधायक बने थे। पल्टूराम छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय हो गए थे। 90 के दशक में उन्होंने एलबीएस डिग्री कालेज गोंडा से राजनीतिक सफर शुरु किया।
परास्नातक की शिक्षा के बाद वह आम राजनीति में आए। उन्होंने कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह को अपना राजनीतिक गुरु माना और उनके ही निर्देशन में राजनीतिक सफर जारी रखा। वर्ष 2017 के विधान सभा चुनाव में पल्टूराम को भाजपा ने बलरामपुर सुरक्षित विधान सभा क्षेत्र से अपना प्रत्याशी बनाया।
चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी शिवलाल को करीब 25 हजार मतों से शिकस्त देते हुए वह पहली बार विधायक बने। पल्टूराम सोनकर (खटिक) बिरादरी के हैं और इस बिरादरी के साथ-साथ अन्य वर्गों में भी काफी लोकप्रिय है।
पहली बार प्रदेश सरकार में मंत्री बनने का श्रेय उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह तथा संगठन मंत्री सुनील बंसल समेत पूरे पार्टी नेतृत्व को दिया है। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि जिस तरह से विधायक रहते हुए उन्होंने सबका साथ सबका विकास का संकल्प पूरा किया उसी तरह मंत्री बनने के बाद भी वह पूरी निष्ठा व ईमानदारी जनता की सेवा करते रहेंगे।
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