09द्दस्रड्डश्च26-गोंडा में मनकापुर के गुनौरा गांव में जांच करती टीम। संवाद
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गोंडा। प्रदेश के लोकायुक्त के निर्देश पर मनकापुर ब्लाक में सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायत की जांच के लिए डीएम मार्कंडेय शाही ने टीम का गठन किया। मंगलवार को जिला विकास अधिकारी दिनकर विद्यार्थी, उपायुक्त मनरेगा संत कुमार व एपीओ संजय पाल, पीडब्लूडी के एई सिद्धार्थ सिंह सेंगर की टीम गुनौरा गांव में हुए विकास कार्यों की स्थलीय जांच करने पहुंची। इस दौरान कई कार्य अधूरे मिले। टीम के गांव में पहुंचते ही हड़कंप मच गया।
इस बीच शिकायतकर्ता और पूर्व ग्राम प्रधान के दर्जनों लोग आमने-सामने दिखे। अधिकारियों ने सबसे पहले ग्राम निधि से हुए कार्य व प्राथमिक विद्यालय गुनौरा में हुए कायाकल्प को देखा। मौके पर नल में टोटी नहीं मिली।
जबकि लोहे की सरिया से बना दरवाजा पाया गया। इसके बाद आजीविका मिशन, गरीब कल्याण योजना के तहत पशु शेड निर्माण की जांच शुरू हुई, जिसमें राघव राम पुत्र सीताराम का पशु शेड निर्माण अधूरा पाया गया, जबकि भुगतान लाखों रुपये में होना पाया गया है। इसके निर्माण में लगभग 40 से 45 बोरी सीमेंट लगाने का प्राक्कलन बनाया जाता है, लेकिन दस बोरी भी नहीं लगाई गई।
डीडीओ ने बताया कि कच्चे, पक्के तमाम कार्य हैं, अभी जांच चल रही है। अनियमितता पाये जाने पर रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। दोनों पक्ष एक तालाब की आईडी बदल कर कार्य कराने को लेकर तू-तू मैं-मैं करते दिखे। इस मौके पर सहायक अभियंता सिद्धार्थ सिंह सेंगर, पूर्व प्रधान रघुनायक द्विवेदी, कृष्ण कुमार चौबे, खंड विकास अधिकारी शत्रुघ्न पाठक, जेई आरईएस अमरेश सिंह, सचिव पवन गौतम, छागुंर, पप्पू आदि मौजूद रहे। संवाद