गोंडा। आग की विनाशलीला में सबकुछ तबाह हो रहा है, लेकिन यहां पर अग्निमशन विभाग मुश्किलों से जूझ रहा है। 38 लाख आबादी को आग से बचाने के लिए मुख्यालय पर अग्निशमन केंद्र स्थापित किया गया है। जिले की चार तहसीलों में मात्र आठ दमकल हैं। इनमें चार छोटे वाहन शामिल हैं। सबसे मुश्किल उस समय होती है जब एक साथ कई स्थानों पर आग की घटनाएं होती हैं। अग्निशमन केेंद्र के फोन घनघनाते रहते हैं, लेकिन कर्मचारी चाहकर भी घटनास्थल पर नहीं पहुंच पाते। ऐसे में सबकुछ जलकर राख हो जाता है।
जिले में चार तहसीलें, 16 ब्लॉक हैं। वहीं तीन नगर पालिका गोंडा, नवाबगंज, कर्नलगंज है जबकि तीन नगर पंचायत कटरा बाजार, खरगूपुर, परसपुर हैं। बीते कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि जिले में वर्ष 2015 में अग्निकांड की कम घटनाएं हुईं। जबकि, वर्ष 2020 में सर्वाधिक घटनाएं हुई हैं।
अग्निशमन विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2021 में आगजनी की 189 घटनाएं हुईं। जिसमें दो करोड़ 25 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ। तीन लोगों की जलकर मौत भी हो गई। जबकि 11 जानवरों को अग्निशमन कर्मचारियों ने रेस्क्यू किया। जिले में दो अग्निशमन केंद्र जिला मुख्यालय व मनकापुर में संचालित है। तहसील करनैलगंज में अग्निशमन केंद्र निर्माणाधीन है। वहीं, तरबगंज तहसील में फायर स्टेशन की व्यवस्था ही नहीं है।
कर्मचारियों की तैनाती पर एक नजर
कर्मचारी स्वीकृति तैनाती रिक्त
सीएफओ 01 01 00
एफएसओ 01 00
एफएसओ सेकेंड 01 01 00
हेड फायरमैन 05 02 03
फायरमैन 65 55 10
चालक 08 05 03
वर्षवार नुकसान की स्थिति
वर्ष घटना नुकसान
2015 447 3500000
2016 417 3160000
2017 400 3830000
2018 350 3000000
2019 250 3500000
2020 107 2000000
2021 189 2250000
सड़क निर्माण में गुम हो गए हाईड्रेंट
नगर में दमकल वाहनों के पानी भरने की व्यवस्था नहीं है। शहर के एलबीएस चौराहा, टामसन स्कूल के पास, जलकल चौराहा, गुड्डूमल व डब्बूमल चौराहे के समीप अग्निशमन विभाग के पानी के लिए नगर पालिका ने छह हाईड्रेंट लगाए थे। जिले में जैसे-जैसे सड़कों का निर्माण होता गया वैसे-वैसे हाईड्रेंट जमींदोज हो गए। दमकल में पानी भरने में दिक्कतें होती हैं।
बचाव के लिए क्या करें
जलते हुए बीड़ी सिगरेट के टुकड़े को पैर से कुचलकर बुझा दें।
खलिहान को तालाब य अन्य पानी के स्रोत के किनारे लगाएं।
चूल्हे की जलती लकड़ी को बुझाकर अलग रखें। गरम राख को बुझा दें।
ट्रैक्टर की चिंगारी से खलिहान को बचाएं
ट्रैक्टर के साइलेंसर में चिंगारी रोधी यंत्र लगवाएं।
थ्रेसर में गीली फसलों को न लगाएं।
शादी, त्योहार के समय खलिहान, फूस के छप्पर से दूर आतिशबाजी करें।
नाबालिग बच्चों को खाना बनाते समय रसोई घर में न जाने दें।
जानवरों को लोहे की जंजीरों में न बांधें केवल रस्सी का प्रयोग करें।
हवा चलते समय फूस को न जलाएं।
बिजली लाइन और ट्रांसफॉर्मर के नीचे खलिहान नहीं लगाए।
अगर शरीर में आग लग जाए तो दौड़ें नहीं, एक जगह खड़े हो जाएं या जमीन पर लेट जाएं।
घूर में चूल्हे की राख बुझाकर डालें।
अग्निकांड की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर दमकल व कर्मी जाते हैं। प्रयास रहता है कि जल्द ही आग बुझा दी जाए और नुकसान कम से कम हो। एक साथ आग की घटनाएं होती हैं तो मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। हालांकि प्रयास किया जाता है कि आग समय से बुझ जाए। रामसुमेर त्रिपाठी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी