गोंडा। कोतवाली क्षेत्र के कुतुबपुर गांव के मजरे गोड़ियन पुरवा के एक घर में बीती मंगलवार की रात संदिग्ध हालात में बाहर से बंद कमरे में एक किसान जिंदा जला मिला।
पड़ोसियों के शोर पर परिवार के लोग पहुंचे और दरवाजा खोला गया। लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिवार के लोगों ने गांव के कुछ लोगों पर जिंदा जलाकर मार डालने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेजा है।
कोतवाली करनैलगंज क्षेत्र के कुतुबपुर गांव के मजरा गोड़ियन पुरवा के रहने वाले अमित ने बताया कि उसके चाचा श्यामनाथ उर्फ चिंटू (36) मंगलवार की रात अपने घर के कमरे में थे। रात तकरीब 8 बजे गांव के कुछ लोग शोर मचा रहे थे कि चिंटू के कमरे में गैस सिलिंडर से आग लग गई।
आरोप है कि शोर सुनकर चिंटू की भाभी सहित गांव के लोग मौके पर पहुंचे तो दरवाजे बाहर से बंद था। कमरे का दरवाजा खोला गया तो श्यामनाथ उर्फ चिंटू का शव चारपाई पर धू-धू कर जल रहा था। अमित का आरोप है कि देखने से लग रहा था कि किसी ने कोई ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दिया हो।
अमित ने बताया कि बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक वह दम तोड़ चुके थे। बताया कि उसके चाचा के कमरे में रखा गैस सिलिंडर सुरक्षित है। जबकि कुछ लोग सिलिंडर से आग लगने की बात कहकर शोर मचा रहे थे।
आरोप है कि अचानक आग नहीं लगी बल्कि उन्हें कोई ज्वलनशील पदार्थ डालकर जलाया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। फील्ड यूनिट के विशेषज्ञों ने कमरे की फोटोग्राफी करके कई नमूने लिए हैं। जांच में शामिल किया जाएगा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। अमित ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कोतवाल प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि कमरे में छोटा गैस सिलिंडर मिला है, जिसका बर्नर टूटा मिला, इससे प्रतीत हो रहा था कि चिंटू खाना बना रहा था। उसकी समय कमरे में आग लगी। जिससे जलकर उसकी मौत हुई। यदि पूरे मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है। बाहर से दरवाजे का बेलन बंद होने का आरोप चिंटू के परिवार के लोग लगा रहे हैं। उसकी भी जांच कराई जा रही है।