गोंडा। स्वयं सहायता समूहों की आमदनी बढ़ाने के लिए समूह के 136 दीदियों को बिजली सखी के रुप में प्रशिक्षित किया गया। बुधवार को विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में समूह की दीदियों का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता रणवीर सिंह ने बताया कि अब स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बिजली का बिल निकालने के लिए भी घर-घर दस्तक देंगी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की ओर से गठित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शासन ने एक और पहल की है।
इन महिलाओं को बिलिंग एजेंसी की ओर से दो हजार तक बिल जमा करने पर एक बिल पर 20 रुपये कमीशन दिया जाएगा। तथा दो हजार से ऊपर के बिल पर एक प्रतिशत कमीशन मिलेगा। यहीं नही उपभोक्ताओं के बिजली का बिल भी समूह की जानकार महिलाएं निकालकर देंगी।
बुधवार को विकास भवन में आयोजित कार्यशाला में रवि मधेसिया ने 83 महिलाओं को बिजली बिल निकालने व जमा करने के लिए प्रशिक्षण दिया। तथा 83 महिलाओं का प्रशिक्षण गुरुवार को होगा। यह महिलाएं घर-घर जाकर लोगों को प्रतिमाह बिल उपलब्ध कराएंगी।
यदि कोई उपभोक्ता हाथोंहाथ बिल जमा करना चाहता है तो महिलाएं उनके बिल की धनराशि भी जमा कर सकेंगी। 2000 रुपये तक के प्रति बिल पर उन्हें 20 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। प्रशिक्षण कार्यशाला में अधीक्षण अभियंता रमेश चंद्रा, एक्सईन वेंकट रमन, योगेेंद्र चतुर्वेदी आदि रहे।
अधिशासी अभियंता रणवीर सिंह ने बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जोड़कर बिजली का बकाया वसूलने के पीछे सरकार की मंशा है कि इससे एक तो महिलाएं स्वावलंबी बनेंगी वहीं, बिजली विभाग का घाटा भी पूरा हो सकेगा।
वह बड़े बकाएदारों से संपर्क कर उन्हें बिजली का बिल जमा करने के लिए प्रेरित करेंगी। इससे राजस्व बढ़ेगा और विभाग का बकाया बिल आसानी से जमा हो सकेगा। यदि एक दीदी दिन भर में दस लोगों का बिल जमा कर देती हैं तो कम से कम दो सौ रूपये का फायदा होगा