बाढ़ के पानी से घिरे गांवों के लोग फसल को छोड़ कर खुद और अपने परिवार की रक्षा में जुटे हैं। ग्रामीणों के सामने भोजन, पानी समेत अन्य सुविधाओं का संकट बना हुआ है। प्रशासन का दावा है कि राहत सामग्री बांटी जा रही है जबकि जमानिया, सेवराई और सुहवल के बाढ़ पीड़ितों ने राहत सामग्री का वितरण नहीं करने का आरोप लगाया है।
सुहवल: बाढ़ प्रभावित गांवों के पीड़ितों को कोई राहत नहीं दी जा सकी है। प्रशासन ने राहत सामग्री बांटने का दावा किया है जबकि सचाई यह है कि पीड़ितों राहत सामग्री और जानवरों के चारे के लिए तरसना पड़ रहा है। बाढ़ के कारण पटकनिया-कालूपुर मार्ग पर युवराजपुर गांव के पास पानी चढ़ने से मार्ग अवरुद्ध हो गया है। वहीं कई घर पानी से घिर चुके हैं।
सेवराई एवं जमानिया के कई प्रमुख मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध होने से आवागमन बाधित हो गया है। भांवरकोल : सियाड़ी गांव में धान की फसल डूब गई है। अब गांव के दक्षिणी-पश्चिमी ओर मौजूद घरों और बस्ती की तरफ पानी का रुख हो गया है। अनुसूचित जाति बस्ती के चंद्रमा राम, विनोद कुमार, दीपक सैमी, अखिलेश, सुखलाल, मुन्नीलाल, राजेश्वर, श्रीभागवन, मुंशीराम, चंडी राम, तुलसी राम, मुन्नी लाल, बृजेश, दूधनाथ राम के घरों के पास पानी पहुंच गया है। अभी तक इन्हें किसी भी स्तर से कोई राहत सामग्री नहीं दी गई। न ही इनकी कोई सुध लेने अभी तक आया। वहीं सियाड़ी संपर्क मार्ग पर पानी पहुंचन ेसे आवागमन प्रभावित हुआ है।
आधा सेमी की दर से बढ़ रही गंगा
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर सुबह दस बजे 64.590 मीटर, बारह बजे 64.600, दो बजे 64.610 तथा शाम चार बजे 64.620 मीटर दर्ज किया गया। गंगा अब आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही हैं। केंद्रीय जल आयोग की मानें तो गंगा में बढ़ाव का यह क्रम अभी बने रहने का अनुमान है।