गाजीपुर के जंगीपुर थाना क्षेत्र के यादव मोड़-हंसराजपुर रोड पर बदमाशों ने फर्नीचर व्यवसायी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। सूचना पर पहुंचे एसपी ने परिजनों से पूछताछ करने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज खंगाली। पुलिस पत्नी से अलगाव और साले की ओर से मिली धमकी को कारण मानकर जांच कर रही है।
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खलिसापुर गांव निवासी जितेंद्र यादव उर्फ जेपी (30) की यादव मोड़ के पास फर्नीचर की दुकान है। सुबह साढ़े 10 बजे के जितेंद्र घर पर नहाने के बाद खाना खाने जा रहा था। इसी दौरान मोबाइल पर किसी का फोन आया कि फर्नीचर संबंधित सामान खरीदना है। इस पर वह बाइक लेकर दुकान के लिए निकल गया।
गांव से करीब दो किलोमीटर दूर पहुंचा था कि पीछे से बाइक सवार नकाबपोश बदमाश पहुंचे और जितेंद्र को रोककर कनपटी पर तमंचा सटाकर गोली मार दी। इसके बाद बदमाश भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जितेंद्र को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। एसपी रामबदन सिंह ने बताया कि पुलिस ने फर्नीचर व्यवसायी के साले अरविंद यादव और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश कर रही है।
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साले ने दी थी जान से मारने की धमकी
पुलिस ने घटना की छानबीन के दौरान परिजनों से बातचीत की। इस दौरान पता चला कि मृतक जितेंद्र यादव की वर्ष 2018 में नगर कोतवाली क्षेत्र के सेमरा गांव में शादी हुई थी। बीते सितंबर में हुई पंचायत के दौरान पति-पत्नी में अलगाव हो गया था। इस दौरान उसके साले ने जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस इस बिंदु को ध्यान में रखकर भी जांच कर रही है। दूसरी ओर मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल भी हत्याकांड का राज खोल सकती है।
खाना खिलाने का इंतजार कर रही थी बहन, आई मौत की सूचना
सुबह नहाने के बाद जितेंद्र को खाना खिलाने के लिए बहन गुड़िया आवाज लगा रही थी। काल के रूप में मोबाइल पर आए फोन पर बात कर दुकान से जल्द वापस आकर भोजन करने की बात कहकर वह चला गया। जिस भाई को खाना खिलाने का बहन इंतजार कर रही थी, थोड़ी ही देर बाद उसकी मौत की सूचना मिली।
उधर चारपाई पर गुमशुम बैठे पिता सकलू यादव बिलख रहे थे। महिलाओं के बिलखने से गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया था। इधर पोस्टमार्टम के बाद शव घर पर पहुंचते ही ग्रामीणों की भीड़ लग गई। गांव के लोग सात्वंना देकर परिजनों को शांत कराने में जुटे थे।
रविवार को जंगीपुर नगर पंचायत में काफी भीड़ थी। वजह सप्ताहिक बाजार के कारण लोगों का सुबह के समय आवागमन हो रहा था। खास बात यह कि बाजार के समय यादव मोड़ से लेकर नगर पंचायत तक पुलिस टीम तैनात रहती है। इससे थोड़ी ही दूरी पर हत्यारे दुकानदार को गोली मारकर आराम से निकल गए, लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।