सैदपुर कोतवाली के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया बैंक की शाखा की छत को काटकर अंदर घुसे चोरों द्वारा स्ट्रांग रूम का लॉकर काटकर लाखों के आभूषण पर हाथ साफ कर दिया था। घटना के 11 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। ऐसे में अब पीड़ित लॉकर धारकों का धैर्य जवाब देने लगा है। वहीं पर्दाफाश का आश्वासन सुन-सुनकर उनकी इंतजार पीड़ा और बढ़ती जा रही है, लेकिन स्थानीय पुलिस टीम सिर्फ जल्द से जल्द खुलासे का दावा कर पल्ला झाड़ ले रही है।
चोरी गए जेवरातों का पता न लग पाने से चिंतित पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीता सिंह एवं लोहा उद्योग व्यापारी जय प्रकाश विश्वकर्मा की पत्नी भारतीय विश्वकर्मा ने बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि पुलिस नौ दिन चले अढ़ाई कोस की तर्ज पर काम कर रही है। ऐसे में चोरी का खुलासा होना मुश्किल लग रहा है। पुलिस के अधिकारी भी चोरी का खुलासा करने के बजाए सिर्फ आश्वासनों का पुलिंदा थमा रहे हैं। ऐसे में हम दोनों पीड़िताएं शासन को पत्र लिखकर चोरी के इस मामले की जांच एसटीएफ से कराने की मांग करेंगे। उन्होंने बताया कि हम दोनों पीड़िताएं पुलिस अधीक्षक राम बदन सिंह को मामले के पर्दाफाश किए जाने के लिए पत्र भी सौंपा है। उनके स्तर से आश्वासन मिल रहा है, लेकिन अभी तक हम लोगों की पुश्तैनी थाती चोरी चले जाने के बाद हम लोगों की नींद हराम हो गई है और दाना पानी भी अच्छा नहीं लग रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पुलिस अधिकारी यह जांच एसटीएफ को दे दिए होते तो अब तक इस मामले का खुलासा हो गया होता। इस चोरी के रहस्य से पर्दा उठना जरूरी है। सीता सिंह ने असंतोष प्रकट करते हुए कहा कि बैंक के अधिकारियों की लापरवाही के चलते इतनी बड़ी घटना हो गई। वह किसी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं ले रहे हैं। ऐसे में हम दोनों पीड़िता चुप नहीं बैठेंगी, अगर एक सप्ताह के अंदर खुलासा नहीं हुआ तो न्यायालय में जाने के लिए विवश होंगी।