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थानों में स्थापित हेल्प डेस्क महिलाओं के लिए वरदान

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सुहवल थाने के महिला हेल्प डेस्क में कामों का निस्तारण करती महिला आरक्षी रोली। - फोटो : GHAZIPUR
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महिला हेल्प डेस्क पीड़िताओं के लिए वरदान साबित हो रहा है। शासन के द्वारा थानों में पीड़ित महिलाओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए हेल्प डेस्क की स्थापित कराई गई है। महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती भी की गई है। यहां मामलों की तत्काल सुनवाई की जाती है। अधिकतर मामले दोनों पक्षों के बीच आपसी सुलह समझौते से निपटाए जा रहे हैं।
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महिला हेल्प डेस्क में सबसे अधिक मामले घरेलू हिंसा, पति-पत्नी के बीच विवाद और जमीन संबंधित आ रहे हैं। वहीं ंछेड़छाड़, मारपीट और गुमशुदगी के मामले भी पहुंच रहे हैं। आकड़ों पर गौर किया जाए तो तीन महीने में करीब 150 से 200 मामले आए हैं, जिन्हें निपटाने काम किया गया है। अगर सिर्फ सुहवल थाने के महिला हेल्प डेस्क में बीते नवंबर माह से अब तक कुल 32 मामलें आए जिनका सभी मामलें का थाने में ही सुलह समझौता हो गया है। यही नहीं एसपी द्वारा थाना भ्रमण के दौरान महिला हेल्प डेस्क संबंधित जहां जानकारी ली जाती है। वहीं पीड़िता के मोबाइल नंबर पर महिला कांस्टेबल से बात कराकर समस्या से निस्तारण संबंधित जानकारी भी ली जाती है।
केस संख्या एक:
ईजरी गांव निवासी जुवैदा खातून का उनके पुत्र नौशाद अहमद के बीच जमीन को लेकर विवाद कई दिनों से चला आ रहा था। पीड़िता ने न्याय के लिए महिला हेल्प डेस्क पर प्रार्थना पत्र दिया। महिला हेल्प डेस्क द्वारा इस मामले में सुलह- समझौता कराकर निपटारा कराया गया।
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केस संख्या दो:
सोनवल गांव के त्रिलोकी ने अपनी पत्नी उषा देवी को मारपीट दिया था। यह मामला थाने के महिला हेल्प डेस्क पर पहुंचा। पीड़िता को न्याय दिलाने और मामले के निस्तारण को लेकर कार्रवाई शुरू हुई और दोनों में आपसी रजामंदी से सुलह समझौता कराकर निस्तारित कराया गया।
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