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गंगा मैया ने बचाया 21 दिन की 'गंगा' को, इस चिट्ठी को क्या पढ़ पाएंगे बिटिया को बहाने वाले माता-पिता

Thu, 17 Jun 2021 05:52 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर

सार

गाजीपुर जिले में मंगलवार को ददरी घाट पर गंगा में तैरते हुए लकड़ी के बक्से में बच्ची रोती हुई मिली। बच्ची के रोने की आवाज गुल्लू को सुनाई दी तो उसने बचा लिया। इसके बाद वह घर ले गया। सूचना मिलते ही पुलिस भी पहुंच गई और ज्योति आशा केंद्र ले गई। जहां उसकी देखभाल की जा रही है। बक्से में एक जन्मकुंडली रखी थी, जिस पर उसका नाम गंगा लिखा था और 21 दिन की थी।
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गंगा में मिली 21 दिन की बच्ची 'गंगा'। - फोटो : अमर उजाला।
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बक्से में बंद कर गंगा में बहा दी गई बेटी गंगा सौभाग्यशाली है। गाजीपुर के गुल्लू चौधरी ने उसे सही सलामत निकाला। अब गंगा स्वस्थ है। वह एक नहीं लाखों-करोड़ों लोगों की बेटी बन चुकी है। गाजीपुर ही नहीं देश-विदेश के लोग उसका हाल जानना चाहते हैं। चाहते हैं, लाडली गंगा बड़ी होकर खूब नाम कमाए। ऐसी बेटी की एक चिट्ठी उसे जन्म देने वाली मां और अपने पिता को तो बनती हैं। पढ़े, अगर वह अबोध अपनी भावनाएं व्यक्त कर सकती तो कैसे करती!

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'गंगा' को जन्म देने वाले अनजान माता-पिता को उसकी चिट्ठी
मुझे जन्म देने वाले पापा-मम्मी मैं आपको जानती तो नहीं हूं, और न ही मैं आपको जानना चाहती हूं। क्योंकि मैं आपके लिए मर चुकी हूं। आपने जिस स्थिति में मुझे छोड़ा था, वो मेरे लिए मौत देने वाली थी। लेकिन शायद आप जानते होंगे कि मेरा नाम गंगा है, जो कभी नहीं मरती। मुझे गंगा मैया ने अपनी गोद में खिलाया और गुल्लू मल्लाह के पास भेज दिया। आज वो ही मेरे पिता हैं। जिसने मुझे जन्म दिया, उसने मुझे छोड़ दिया। लेकिन मुझे गुल्लू पिताजी ने बचा लिया। मैं सरकारी अस्पताल में सही सलामत हूं। आप तो शायद जानते होंगे मैं कहां हूं, लेकिन आप मुझसे मिलने मत आना। वैसे भी, आपको मेरे पल-पल की खबर मिलती ही रहेगी। देखना एक दिन मैं बड़ी होकर खूब नाम कमाऊंगी। मां! मैं आपसे जानना चाहती हूं कि आप तो मां हैं मेरी। आपने ऐसा कैसे कर दिया। ममता का गला आपने कैसे घोंटा होगा? आपने मेरे बारे में एक पल भी नहीं सोचा, ऐसा करते वक्त आपकी आंखें तो जरूर भर आई होंगी। खैर अब मैं बिल्कुल सही सलामत हूं और अपने माता-पिता गुल्लू जी के पास हूं। अब वो ही मेरे सब कुछ हैं...।
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