प्राथमिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने की दिशा में चल रहे प्रयासों पर बेपरवाह शिक्षक पानी फेर रहे हैं। बेसिक शिक्षाधिकारी, खंड शिक्षाधिकारियों एवं जिला समन्वयकों की ओर से पहली अक्तूबर से 20 नवंबर के बीच किए गए परिषदीय विद्यालयों के निरीक्षण में 139 शिक्षक-शिक्षणेतर कर्मी अनुपस्थित पाए गए। बेसिक शिक्षाधिकारी ने इन सभी शिक्षक - शिक्षणेतर कर्मियों का वेतन अगले आदेश तक रोकने का निर्देश दिया है।
परिषदीय विद्यालयों में अध्यापकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने को लेकर प्राथमिक शिक्षा विभाग गंभीर है। इसको लेकर जिला बेसिक शिक्षाधिकारी, खंड शिक्षाधिकारियों, जिला समन्वयकों की ओर से एक अक्तूबर से 20 नवंबर तक विद्यालयों का निरीक्षण किया गया। 20 नवंबर को प्रेरणा पोर्टल की समीक्षा करने पर यह तथ्य प्रकाश में आया कि शिक्षाधिकारियों के निरीक्षण में कुल 139 शिक्षक-शिक्षणेतर कर्मी अनुपस्थित मिले। विभिन्न विकासखंडों के परिषदीय विद्यालयों के अनुपस्थित रहे लोगों में प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक, शिक्षामित्र, अनुदेशक शामिल हैं। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी हेमंत राव ने बताया कि इन सभी शिक्षक और शिक्षणेतर कर्मियों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने का निर्देश दिया गया है। संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि संबंधित शिक्षक-शिक्षणेतर कर्मियों से स्पष्टीकरण लेकर अपनी आख्या के साथ तीन दिनों में उनको उपलब्ध कराएं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित अनुपस्थित मिले शिक्षक-शिक्षणेतर कर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण में बंद मिले विद्यालय
शिक्षाधिकारियों के निरीक्षण में पहली अक्तूबर से 20 नवंबर के बीच विभिन्न विकास खंडों में स्थित सात प्राथमिक और उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालय बंद पाए गए थे। बेसिक शिक्षाधिकारी हेमंत राव ने संबंधित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षणतर कर्मियों का वेतन अगले आदेश तक रोकते हुए खंड शिक्षाधिकारियों को संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण लेकर अपनी आख्या तीन दिनों में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।