फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेचुरल गैस के दामों में बढ़ोत्तरी का असर, सादा चूड़ी के दाम बढ़े

विज्ञापन
चूड़ी कारखानों में रखें तोड़े - फोटो : FIROZABAD
विज्ञापन
फिरोजाबाद। प्राकृतिक गैस के दामों में वृद्धि के कारण मंगलवार को कारखानेदारों ने पॉट फर्नेश से बनने वाली रंगीन चूड़ी के दामों में 12 रुपये प्रति तोड़ा की वृद्धि कर दी है। कारखानेदारों पर गैस की दरें बढ़ने के कारण प्रति तोड़ा चूड़ी के दाम बढ़ाने का दवाब था। हालांकि ग्लास सिंडिकेट ने अगले सप्ताह से चूड़ी तोड़ा के दाम बढ़ाने की बात कही थी। लेकिन ग्लास सिंडिकेट द्वारा अचानक की घोषणा ने खुदरा चूड़ी कारोबार क्षेत्र में खलबली मचा दी है।
विज्ञापन

सुहागनगरी के परंपरागत चूड़ी कारोबार जगत असमान्य स्थिति से उबर नहीं पा रहा है। कोविड की मार से निजात पाने के बाद पटरी पर लौटे चूड़ी कारोबार में मंदी की मार हावी है। आगामी दीपोत्सव व अन्य त्योहार पर चूड़ी कारोबार सामान्य होने की उम्मीद थी। लेकिन एक माह के भीतर नेचुरल गैस के दामों में हुई लगभग 7.33 पैसे की वृद्धि से सादा चूड़ी की लागत बढ़ गई। लागत बढ़ जाने के कारण कारखानेदारों पर प्रति तोड़ा चूड़ी के दाम बढ़ाने का दबाव था।
हालांकि सोमवार को चूड़ी कारखानेदारों के संगठन द ग्लास सिंडिकेट ने अगले सप्ताह से चूड़ी के दाम बढ़ाने के संकेत दिए थे। लेकिन सदस्य कारखानेदारों के भारी दबाव के बीच द ग्लास सिंडिकेट ने विगत एक अक्तूबर से पॉट फर्नेश वाली रंगीन चूड़ी तोड़ा के दामों में 12 रुपये वृद्धि की घोषणा कर दी। इससे दीपोत्सव के मद्देनजर पुरानी दरों पर करोड़ों रुपये का चूड़ी आर्डर लिए बैठे 3000 से अधिक खुदरा चूड़ी कारोबारियों की नींद उड़ गई है।
विज्ञापन

चूड़ी कारखानेदारों ने फिलहाल गड्ढा बाजार में बिकने वाली कटमेल (खराब चूड़ी) चूड़ी तोड़ा के दामों में अभी नहीं बढ़ाए हैं। लेकिन ग्लास सिंडिकेट के अनुसार कटमेल चूड़ी के दामों में भी 15 अक्तूबर तक बढ़ोतरी तय है।
कच्चे माल व गैस के दाम बढ़ जाने के कारण चूड़ी निर्माण की लागत बढ़ गई थी। कारोबार को बचाने के लिए न्यूनतम 12 रुपये प्रति तोड़ा चूड़ी के दाम बढ़ाए हैं। प्रति तोड़ा चूड़ी के दाम में वृद्धि एक अक्तूबर से लागू मानी जाएगी।
ललितेश जैन, अध्यक्ष द ग्लास सिंडिकेट
खुदरा चूड़ी कारोबार में मंदी है। वर्तमान हालतों में चूड़ी तोड़ा का दाम बढ़ाने का निर्णय सही नहीं है। अगर जरूरी है तो कारखानेदार गैस बिल बढ़ने के अनुपात में ही चूड़ी तोड़ा के दाम बढाएं।
विज्ञापन

अनिल मैनेजर, खुदरा चूड़ी व्यापारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें