सिरसागंज के समीपवर्ती गांव धरमई निवासी कीर्ति मंगलवार को यूक्रेन से घर पहुंची तो घर वाले खुशी से झूम उठे। मां सुनीता देवी ने पहले तो उसका तिलक किया फिर गले लगा लिया। मां-बेटी का मिलन देखकर आसपास मौजूद लोगों की भी आंखें नम हो गईं। ऐसा लग रहा था मानों उन्हें जीवन की सारी खुशियां मिल गई हों। गांव की महिलाएं बोलीं कि कीर्ति मौत के मुंह से निकलकर आई है। इसके बाद कीर्ति ने परिजनों से यूक्रेन के हालात को बयां किया।
सिरसागंज के गांव धरमई निवासी कीर्ति 2021 में यूक्रेन एमबीबीएस की पढ़ाई करने गई थी। कीर्ति ने बताया कि यूक्रेन में थी तो पल-पल परिजनों को चिंता सता रही थी। युद्ध के भयानक मंजर में हर समय इमरजेंसी का सायरन बज रहा था। बम के धमाके सुनाई दे रहे थे। सड़कों पर फौजी टैंक व गाड़ियों के आवागमन की आवाजें सुनाई दे रही हैं, जिससे हर कोई भयभीत हो गया है। लेकिन वहां से निकलने के दौरान जिस गाड़ी में हम लोग थे, उस पर भारतीय झंडा लगा था। भारतीय झंडा होने के कारण किसी ने भी गाड़ी को नहीं रोका। सोमवार देर शाम दिल्ली पहुंचने के बाद मंगलवार की सुबह दिल्ली से सड़क मार्ग से सिरसागंज के ग्राम धरमई पहुंची कीर्ति अपनों के बीच आई तो परिजन की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
कीर्ति की मां सुनीता देवी ने कहा आज महाशिवरात्रि के पावन पर्व के दिन बाबा भोलेनाथ ने उनकी बेटी कीर्ति की सकुशल घर वापसी कराई। ग्रामवासी भी इसे भगवान शिव का आशीर्वाद मान रहे हैं। सुनीता देवी ने बताया कि जब उनकी बेटी यूक्रेन में थी तो पूरा परिवार हर पल भगवान से उसकी सलामती की प्रार्थना कर रहा था।
बेटी कीर्ति के सकुशल घर वापस आने पर सुनीता देवी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का धन्यवाद किया है। कीर्ति के पिता विनोद कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी फिरोजाबाद सूर्यपाल गंगवार एवं एसडीएम सिरसागंज विवेक मिश्रा से लेकर तहसील प्रशासन तक उनकी बेटी के वापस लाने के लिए प्रयासरत थे।