फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साइलेंट मोड पर दुश्मन को मात: ब्रजभूमि में तैयार होंगे विशेष पैराशूट, 30 हजार फीट से छलांग लगा सकेंगे कमांडो

Mon, 10 Jul 2023 03:35 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

अब जवान साइलेंट मोड पर दुश्मन को मात देंगे। इसके लिए ब्रजभूमि में विशेष पैराशूट तैयार होंगे। इसके माध्यम से कमांडो 30 हजार फीट से छलांग लगा सकेंगे। 
विज्ञापन
साइलेंट मोड पर दुश्मन को मात: ब्रजभूमि में तैयार होंगे विशेष पैराशूट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश की ब्रजभूमि पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही अब आकाश में भी अपना परचम फहराएगी। ब्रजभूमि में फिरोजाबाद जिले की आयुध उपस्कर निर्माणी हजरतपुर में सेना के विशेष कमांडो ऑपरेशन के लिए कृष्णा पैराशूट तैयार किए जाएंगे। इस पैराशूट से कमांडो 30 हजार फीट से सीधे जमीन पर साइलेंट उतर सकता है। 

विज्ञापन


दुश्मन की टुकड़ी को देखने के बाद वह इस पैराशूट से वह नेवीगेशन सिस्टम के द्वारा कमांडो नीचे के साथ अपनी डिस्टेंस करीब 15 से 20 किमी हवा से दूर जाकर खुद को सुरक्षित कर सकेगा। कृष्णा पैराशूट तैयार कर नौ सेना के मुख्यालय विशाखापट्टनम में ट्रायल के लिए भेजा गया है।

यह भी पढ़ें-- महिला दरोगा का दर्द: साहब! अब बर्दाश्त नहीं होता...एसीपी के सामने फूट-फूटकर रोई, बताई थानेदार की शर्मनाक करतूत

विज्ञापन

आयुध उपस्कर निर्माणी हजरतपुर के महाप्रबंधक अमित सिंह ने बताया कि ब्रज भूमि में तैयार होने के कारण पैराशूट को कृष्णा पैराशूट नाम दिया गया है। इस पैराशूट का डिजाइन सबसे खास है। यह पैराशूट पूरी तरह साइलेंट मोड पर काम करेगा। इसमें नेविगेशन सिस्टम डवलप है। नेविगेशन सिस्टम में गूगल, मॉनिटर भी साथ होगा। 

यह भी पढ़ें-- दवाओं का काला कारोबार: नकली सिरप पर नामी कंपनियों के असली बार कोड, रोज ढाई लाख टैबलेट की खपत; पुलिस भी हैरान

कमांडो जमीन पर उतरने से पहले ही काफी ऊंचाई पर यह देख सकेगा कि दुश्मन की फौज जमीन पर कहां है। खुद को सुरक्षित जगह पर उतारने के लिए वह उस जगह सीधे न उतरकर कंट्रोल मैकेनिज्म के द्वारा हवा में कूदने के बाद कमांडो करीब 15 से 20 किमीं तक हवा में अपने मिशन की ओर सफर तय कर सकता है।

यह भी पढ़ें-- Agra : चलते-चलते फट गई चक्की, महिला की गर्दन को चीर गया पत्थर, धड़ से 20 फीट दूर गिरा सिर तो सिहर उठे लोग

इस तरह का सिस्टम अभी तक केवल अमेरिका में बनने वाले पैराशूट में ही उपलब्ध होता था। इस पैराशूट के सहारे कमांडो आसमान से अपने साथ एक चिकित्सक या फिर दूसरे साथी को भी बिना खतरे के जमीन पर उतार सकता है।

यह भी पढ़ें-- नकली दवाओं का काला कारोबार: व्हाट्सएप पर ऑर्डर...पार्सल से करते तस्करी; आठ राज्य और दो देशों तक फैला सिंडिकेट
विज्ञापन

दो तकनीक पर करेगा काम

आयुध उपस्कर निर्माणी के डिप्टी डायरेक्टर ओमवीर तोमर ने बताया कि यह पैराशूट हालो यानि हाई एल्टीट्यूड लो ओपनिंग और हाहो यानि (हाई एल्टीट्यूड हाई ओपनिंग) इन दोनों तकनीक में काम करने में सक्षम है। इसका इस्तेमाल सेना अपने कॉम्बैट (लड़ाकू) मिशन में कर सकती है।यह पैराशूट आयताकार होते है। फिलहाल नाइन सेल में पैराशूट तैयार किए जाएंगे, इसके बाद इलेवन सेल में पैराशूट को तैयार किया जाएगा। ताकि तकनीकी को बढ़ाया जा सके। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें