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UP: अस्पताल ने बताया मृत, लौटते समय रास्ते में जिंदा हो गया युवक, कबूतर उड़ाने के दौरान तीसरी मंजिल से गिरा था

Sat, 16 Mar 2024 07:42 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

करीब 10 घंटे के इलाज के बाद अस्पताल ने युवक को मृत घोषित कर दिया। घर लौटते समय परिजन बिलख रहे थे। रास्ते में अचानक उसकी सांसें चलने लगीं। यह देखकर हर कोई हैरान रह गया। उसे तत्काल सरकारी ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे। 
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में कांच कामगार मकान की तीसरी मंजिल से नीचे गिर गया। परिजन परिजन उसे आगरा के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने दस घंटे से अधिक समय तक उपचार किया। इसके बाद शनिवार को उसे मृत घोषित कर दिया। 

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परिजन शव लेकर घर लौट रहे थे। करीब 40 किमी चलने के बाद रास्ते में कामगार के शरीर में कुछ हरकत हुई। परिजन आनन फानन उसे लेकर सरकारी ट्रामा सेंटर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने देखा तो उसकी सांसे चल रही थीं। यहां उसका इलाज किया जा रहा है।

मामला रसूलपुर थाना क्षेत्र का है। यहां के निवासी मोहम्मद अनसार (55) शुक्रवार को छत पर कबूतर उड़ाने गया था। पैर फिसलने से वह तीन मंजिला इमारत से नीचे आ गिरा। लहूलुहान हालत में परिवार के सदस्य उसे आगरा के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां पर उसकी हालत गंभीर बताई गई। लोगों के मुताबिक करीब दस घंटे तक चले उपचार के बाद अस्पताल ने मो. अनसार को मृत बता दिया। 
 

इसके बाद चीख पुकार मच गई। परिवारीजन उसे फिरोजाबाद स्थित आवास पर ला रहे थे। करीब 40 किमीं चलने के दौरान उसके शरीर में कुछ हरकत परिवार के लोगों ने देखी। इसके बाद परिजन उसे सरकारी ट्रामा सेंटर लेकर गए। जहां मौजूद चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद गंभीर अवस्था में गहन चिकित्सका कक्ष में रखकर उपचार कर रहे है। 

वहीं परिवार के सदस्य भी अब सांसें लौट आने पर खुश है। मोहम्मद अंसार के साले हाशिम ने बताया आगरा के चिकित्सक ने उसके बहनोई को मृत घोषित कर दिया था। सरकारी ट्रामा सेंटर में उन्हें दोबारा चेक कराया। उनकी मामूली सांस चल रही है।
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परिजन बोले- नहीं दिया था डेट सार्टिफिकेट

घायल व्यक्ति के नजदीकी रिश्तेदार हासिम का कहना है कि आगरा में करीब दस घंटे तक चले उपचार के बाद उसके संबंधी को घर ले जाने की बात कही। पूछे जाने पर मौजूद चिकित्सकों ने कहा कि अब इनके शरीर में जान नहीं बची है। घर ले जाएं। लेकिन मांगने के बाद भी डेथ सार्टिफिकेट नहीं दिया था।
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