फिरोजाबाद। विभिन्न शुल्क पर छूट की उम्मीद में बैठे कांच निर्यातकों को शासन की नई स्कीम रोडटेप से निराशा हाथ लगी है। जीएसटी रिफंड एवं निर्यात पर लगने वाले ड्यूूटी शुल्क में मामूली छूट की घोषणा करते हुए केंद्र ने रोडटेप स्कीम लागू की है। रोडटेप स्कीम के जरिए कांच निर्यातकों को कांच उत्पादों के निर्यात पर लगने वाले विभिन्न ड्यूूटी शुल्क में महज 1.3 प्रतिशत की ही छूट मिलेगी जो कि पूर्व में मिलने वाली 14 प्रतिशत की छूट से काफी कम है।
केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में शुरू किए रोडटेप स्कीम का स्थानीय कांच निर्यातक लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। मंगलवार को रोडटेप के तहत निर्यातकों को विभिन्न वस्तुओं पर दी जाने वाली छूट की घोषणा कर दी गई। रोडटेप के जरिए मिलने छूट की दरों को लेकर स्थानीय कांच निर्यातकों में निराशा हाथ लगी है। वाणिज्य मंत्रालय की ओर से पूर्ववर्ती फोकस स्कीम के स्थान पर लागू की गई रोडटेप स्कीम के जरिए कांच निर्यातकों को कुल निर्धारित ड्यूटी शुल्क में महज 1.3 प्रतिशत कुल की ही छूट दी जाएगी।
जीएसटी लागू होने से पूर्व केंद्र सरकार ड्यूटी ड्राबैक के रूप में कांच उत्पादों के निर्यात पर सात प्रतिशत एवं माल भाड़ा वापसी यानि फोकस स्कीम के तहत सात प्रतिशत की छूट देती थी। इसके अलावा उत्पादों पर लगने वाला वेट भी वापस मिल जाता था। नई रोडटेप स्कीम से तो पूर्व में मिलने वाली छूट में कम से कम दस प्रतिशत का नुकसान है।
मुकेश बंसल टोनी, अध्यक्ष, द ग्लास एक्सपोर्ट एसोसिएशन
तमाम दुश्वारियां झेल रहे कांच निर्यातकों को ग्लास पर मिलने वाली सात प्रतिशत की छूट को रोडटेप स्कीम के जरिये घटा कर महज 1.3 प्रतिशत कर दिया है जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विभिन्न उत्पादों की कीमतें भी घटी हैं। प्रधानमंत्री इस ओर ध्यान देकर निर्यातकों को बड़ी समस्या से उबारा जाए।
सरवर हुसैन, कांच निर्यातक