फिरोजाबाद। टीटीजेड में शामिल फिरोजाबाद में आसफाबाद से लेकर ककरऊ कोठी तक धूल के गुबार उठते रहते हैं। इन मार्गों पर हवा में सबसे अधिक धूल के कण हैं। रोक के बावजूद सड़कों पर उड़ने वाली धूल और खुले में बिक्री व निर्माण स्थलों पर रखी बालू, मिट्टी एवं मौरंग के कारण सुहागनगरी की हवा जहरीली होती जा रही है। प्रदूषण के लिहाज से चिह्नित हॉट स्पॉट क्षेत्र वाले स्थानों व सड़कों पर उड़ने वाली धूल के कारण सुहागनगरी की हवा में पीएम-2.5 जैसे हानिकारक तत्वों का ग्राफ कम नहीं हो पा रहा है। शहर के आंतरिक इलाकों, आसफाबाद से दौलतपुर व बाईपास मार्ग पर भी रविवार को वाहनों की आवाजाही के दौरान धूल के गुबार उड़ते नजर आए।
फिरोजाबाद में आसफाबाद चौराहे से लेकर नया बाईपास मार्ग स्थित दीदामई चौराहा, कोटला कोटला रोड सब्जी मंडी चौराहा, ककरऊ चौराहा से लेकर राजा का ताल का क्षेत्र प्रदूषण के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। इन सभी स्थानों पर हल्के एवं भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सुबह से शाम तक धूल के गुबार उड़ते रहते हैं। वहीं जाटवपुरी चौराहा, नगला बरी, नगला भाऊ आदि क्षेत्रों में धूल के अति सूक्ष्म कणों से लोगों को बचाने के लिए जिला पर्यावरण समिति ने खास कार्ययोजना भी बनाई है।
हालांकि कार्ययोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए जिम्मेदार विभाग हीलाहवाली कर रहे हैं। परिणामस्वरूप रविवार को भी इन इलाकों में धूल के कण हवा में घुलते नजर आए। यही कारण है कि विगत एक पखवाड़े से फिरोजाबाद की हवा में पीएम-2.5 यानि धूल के कणों का ग्राफ कम नहीं हो रहा है।
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अनदेखी से खुले में पड़ी है लाखों टन निर्माण सामग्री
टीटीजेड में खुले में निर्माण सामग्री जैसे यमुना की बालू, मौरंग, छोटी गिट्टी और मिट्टी बिक्री के लिए रखे जाने पर पूूूर्ण प्रतिबंध है। इसके बावजूद गांव मोढा-कनेंटा, आसफाबाद, हाईवे स्थित गंगा रिसोर्ट, थाना लाइनपार के पैमेश्वर गेट,जलेसर रोड आदि जगहों पर सड़क सहारे लाखों टन बालू, मौरंग और मिट्टी सड़क सहारे रखी है।
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यहां भी ध्यान देने की दरकार-
-आवास विकास कॉलोनी सुहागनगर
-राजाराम की मूर्ति से धोबी वाली पुलिया तक
-धोबी वाली पुलिया से लोहामंडी चौराहा
-झील की पुलिया से ककरऊ चौराहा तक
-आसफाबाद रेलवे क्रासिंग से गाजीपुर तक
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नगला भाऊ स्थित दिनांक हवा में घुलनशील धूल के कण
21 नवंबर 316 माइक्रो मिलीग्राम
20 नवंबर 348 माइक्रो मिलीग्राम
19 नवंबर 332 माइक्रो मिलीग्राम
18 नवंबर 341 माइक्रो मिलीग्राम
17 नवंबर 356 माइक्रो मिलीग्राम
नोट: एयर क्वालिटी इंडेक्स सूचकांक के अनुसार हवा में 100-150 माइक्रो मिलीग्राम से अधिक धूल के कण मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होते हैं। हवा में अत्यधिक धूल के कणों की वजह से लोगों की सांस फूलने लगती है।
यह होता है पीएम 2.5
पीएम 2.5 प्रदूषक कणों की उस श्रेणी को संदर्भित करता है, जिसका आकार 2.5 माइक्रोन का होता है। मुख्य रूप से औद्योगिक प्रक्रियाओं के कारण इसका स्तर बढ़ जाता है। पीएम 2.5 के बढ़ने के कारण धुंध छाना और साफ दिखाई नहीं देता है। इसके साथ ही इससे कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। ये कण आसानी से सांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर गले में खराश, जलन और फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं।
आसफाबाद से लेकर ककरऊ कोठी तक अत्याधिक धूल उड़ने की सूचना मिली हैं। हम समस्या के निदान के लिए एनएचएआई और अन्य जिम्मेदार विभागों को पत्र जारी कर रहे हैं। सड़क सहारे खुले में निर्माण सामग्री का क्रय-विक्रय करने पर प्रतिबंध है। इस मामले में भी प्रशासन को पत्र लिखेंगे।
डॉ. मनोज कुमार चौरसिया क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूूषण नियंत्रण बोर्ड