फतेहपुर। कीमत बढ़ाकर स्टांप बेचने वाले वेंडरों पर नकेल कसना शुरू हुई है। कीमत बढ़ाकर स्टांप बेचने वाले एक वेंडर के लाइसेंस को अपर जिलाधिकारी विनय पाठक ने निलंबित कर दिया है। जबकि एक अन्य वेंडर को नोटिस देकर चेतावनी दी गई है। दरअसल, आम फरियादी के भेेष में स्टांप लेने पहुंचे डिप्टी कलक्टर को भी वेंडर ने ठग लिया। वेंडर ने एसडीएम को 100 रुपये का स्टांप 150 रुपये में दिया। जिससे वेंडरों पर लगे आरोप सिद्घ हो गए।
कुछ दिन पूर्व अधिवक्ता राजेश कुमार मौर्य ने स्टांप वेंडरों की शिकायत एडीएम विनय पाठक से की थी। बताया था कि वेंडर निर्धारित दर से अधिक लागत में स्टांप बेचते हैं। एडीएम ने स्टांप की कालाबाजारी की जांच के लिए डिप्टी कलक्टर कुंदन राज कपूर को भेजा। जांच करने निकले डिप्टी कलक्टर आम फरियादी के भेष में स्टांप वेंडर धर्मराज सिंह से 100 रुपये का स्टांप लिया। जिसके एवज में
धर्मराज ने 150 रुपये ले लिए। इससे शिकायत सही साबित हुई। उन्होंने एडीएम को रिपोर्ट दी। इसके आधार पर एडीएम ने संबंधित वेंडर का लाइसेंस निरस्त कर दिया। यही हाल स्टांप वेंडर दयाशंकर का मिला। उन्होंने भी 100 रुपये का स्टांप 140 रुपये का दिया। जिस पर एडीएम विनय पाठक ने इन्हें नोटिस देते हुए चेतावनी दी है।