फतेहपुर। मौलवी फिरोज आलम रिजवी के खिलाफ धर्मांतरण के मामले में सबूत जुटा पाने में पुलिस सफल नहीं हो सकी है। पुलिस शिकायतकर्ता के बयानों के आधार पर ही मौलवी के खिलाफ धर्मांतरण का केस चलाएगी और चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।
गाजीपुर कस्बे की बड़ी मस्जिद से निष्कासित इमाम मौलवी फिरोज आलम रिजवी को पुलिस ने नेपाल मूल का होने के बावजूद देश की नागरिकता संबंधी दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी के पास से पासपोर्ट, आधार कार्ड, निर्वाचन कार्ड मिला था। जबकि वह मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है। मामले में मौलवी पर मस्जिद कमेटी के सदस्य अब्दुल मजीद ने एक महिला का धर्मांतरण कराने का
आरोप लगाया था। जिसके आधार पर पुलिस ने मौलवी के खिलाफ धर्मांतरण की धारा बढ़ाई थी। हालांकि अभी तक पुलिस धर्मांतरण करने वाली महिला की खोज नहीं कर सकी है। इस वजह से धर्मांतरण का मामले में पुलिस की जांच अधर पर लटकी हुई है। पुलिस ने महिला के सामने नहीं आने पर पैंतरा बदला है। पुलिस धर्मांतरण का आरोप लगाने वाले के बयान पर ही कार्रवाई करेगी। एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया शिकायतकर्ता के बयान पर धर्मांतरण की धारा बढ़ाई गई है। उसी बयान पर कार्रवाई की जाएगी।