चौडगरा। रेवाड़ी बुजुर्ग गांव की बदहाल बिजली व्यवस्था को सुधारने का काम शुरू हो गया है। 45 खंभों के जर्जर तारों को हटा कर नए तार लगाने का काम किया जा रहा है। 65 खंभे भी मंगाए गए हैं, जिस क्षेत्र में बिजली नहीं है, वहां खंभे और तार लगाकर विद्युतीकरण कराया जाएगा।
मलवां ब्लाक के रेवाड़ी बुजुर्ग गांव में जर्जर तार के कारण बिजली सप्लाई हमेशा बाधित रहती है। करीब 35 साल पहले गांव में विद्युतीकरण कराया गया था। तार अब जर्जर हो गए थे और लोड पड़ते ही कहीं न कहीं से टूट जाते थे। बिजली की अघोषित कटौती से लोगों की दिक्कतें बढ़ गई थीं। गांव के समाजसेवी अजीत सैनी ने इसकी मुख्यमंत्री पोर्टल में शिकायत की थी। इस पर बिजली विभाग ने जर्जर तारों की जगह नए तार लगाने का काम शुरू कराया है। तार बदलने वाली एलएनटी कंपनी के इंजीनियर अनुराग चौधरी ने बताया कि 65 खंभे मंगाए गए हैं, गांव के जिस क्षेत्र में विद्युतीकरण नहीं हुआ है, वहां सौभाग्य योजना से खंभे व तार लगाकर आपूर्ति बहाल की जाएगी।
चौडगरा। कस्ब के उपकेंद्र से जुड़े लोग विद्युत विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से परेशान हैं। कहीं ट्रांसफार्मर फुंके पड़े हैं, तो कहीं जर्जर तार के भरोसे बिजली आपूर्ति दी जा रही है, जिस कारण आए दिन बिजली गुल रहती है।
डुंडरा गांव का 25 केवीए ट्रांसफार्मर एक हफ्ते से जला पड़ा है। गांव के लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। डुंडरा गांव के ही किसान राजन सिंह व भोलू के ट्यूबवेल के ट्रांसफार्मर जले पड़े हैं। किसानों को धान की सिंचाई करने में दिक्कत हो रही है। वहीं, शाहजहांपुर फीडर में पहुर गांव के पास 11 केवीए के तार आपस में चिपक गए हैं। इससे फाल्ट हो गया और करीब 12 गांवों की बिजली चार घंटे बंद रही। अवर अभियंता कालूराम यादव ने बताया कि जले ट्रांसफार्मरों का स्टीमेट बनाकर भेज दिया है। वर्कशाप से ट्रांसफार्मर मिलते ही आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।