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दुकानदार की हत्या में महिला मित्र गिरफ्तार

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जहानाबाद। थानाक्षेत्र के कलाना गांव में गिट्टी, मौरंग के दुकानदार सुरेश चंद्र सोनकर (39) की हत्या के मामले में पुलिस ने मंगलवार को उसकी महिला मित्र को गिरफ्तार किया। पुलिस को वारदात में कुछ और लोगों के शामिल होने का शक है। पुलिस महिला के मोबाइल की सीडीआर निकला रही है।
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बकेवर थानाक्षेत्र के भैंसोली गांव निवासी सुरेश चंद्र सोनकर (39) जहानाबाद के कलाना में मौरंग गिट्टी की दुकान चलाते थे। उनकी शनिवार रात हत्या कर दी गई थी। इस दौरान दुकानदार के साथ में कानपुर के चौबेपुर थानाक्षेत्र के महाराजपुर ततिया निवासी कमला देवी पत्नी स्व. शिव कुमार मौजूद थी।
पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर शव का पोस्टमार्टम कराया, जिसमें गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई। पुलिस ने मंगलवार को कमला देवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस को मौके से महिला के गले का माला भी टूटा मिला, इससे स्पष्ट है कि दोनों के बीच मारपीट भी हुई थी। दुकान के बरामदे में एक बिजली का तार लटकता मिला। पुलिस का दावा है कि तार से ही गला कसा गया है। इस दौरान महिला का कोई सहयोगी था। मृतक की पीठ पर चोट के निशान थे। प्रभारी निरीक्षक राकेश पांडेय ने बताया कि महिला के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। कोर्ट ने उसे जेल भेजा है। महिला ने हत्या में शामिल सहयोगी का नाम नहीं कबूला है। सर्विलांस और सीडीआर की मदद से दूसरे साथी के बारे में पता लगाया जा रहा है।
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कमला बोली, पीने के बाद हो गई थी बेहोश, तभी हुई वारदात
आरोपी कमला देवी ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि रात करीब साढ़े नौ बजे उसने और सुरेश चंद्र ने शराब पी थी। इसके बाद उसे नशे में होने के कारण नींद आ गई थी। महिला की करीब साढ़े 10 बजे नींद खुली। तभी उसने सुरेश को मृत हालत में पड़ा देखा। उसने बेहोश मानकर पानी भी डाला। जिसके बाद महिला मृतक के पड़ोसी रिश्तेदारों को बुलाने गई। रिश्तेदारों ने मामला संदिग्ध देखकर महिला को कमरे में बंद कर दिया और पुलिस को सूचना दी। महिला के बयान की बात की जाए तो पुलिस ने वारदात का कहीं न कहीं पटाक्षेप किया है। पुलिस ने मृतक के दरोगा भाई विनोद की ओर से दर्ज कराई एफआईआर का फायदा उठाया है। पुलिस ने एफआईआर के आधार पर महिला को जेल भेजकर अपनी जान बचाने वाला काम किया है। जबकि पुलिस एफआईआर में शामिल महिला ने अज्ञात साथी का नाम तक सामने नहीं ला सकी है। प्रभारी निरीक्षक राकेश पांडेय ने बताया कि विवेचना प्रचलित है। विवेचना दौरान सारे साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएगे।
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