रूसी गांव में पांडु नदी पर स्ट्रीमर से कांटा डाल कर अभिषेक त्रिपाठी को ढूंढते एसडीआरएफ की टीम। स?
- फोटो : FATEHPUR
बकेवर। देवमई गांव के नदी में डूबे अभिषेक तिवारी की खोजबीन में पांचवें दिन एसडीआरएफ की टीम लगी। टीम ने नदी में कई किमी तक तलाश की, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा। इधर घटना के बाद से परिवार के लोगों का हाल-बेहाल है। वहीं पुलिस की जांच भी रुकी है।
देवमई गांव निवासी अभिषेक तिवारी का 19 जनवरी को जमीन विवाद के चलते कुछ लोगों से विवाद हुआ था। विवाद के बाद वह जान बचाकर भागा और पांडु नदी में कूद गया था।
इसके बाद से नदी में लगातार पुलिस अभिषेक की तलाश कर रही है, लेकिन उसका सुराग नहीं लग सका है। प्रयागराज से रविवार को एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई।
टीम ने डूबने वाली जगह रुसी गांव से खोजबीन चालू की। टीम शाम तक छिवली बार्डर नदी पुल तक पहुंची। अब टीम गंगा नदी वाले क्षेत्र में खोजबीन करेगी। पुलिस ने अभिषेक के मोबाइल का सीडीआर भी खंगालना चालू किया है।
मामले में पुलिस ने अभिषेक के अपहरण का उसकी पत्नी कल्पना की तहरीर पर भट्ठा मालिक और मुसाफा प्रधान चांद मोहम्मद, गुड्डू निवासी जलाला, अभिषेक के सगे चाचा रज्जन, चचेरे भाई सोनू, मोनू निवासी देवमई, बलवान निवासी औसेरीखेड़ा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। थानाध्यक्ष नीरज यादव ने बताया कि एसडीआरएफ की टीम खोजबीन में लगी है। जल्द ही अभिषेक का पता लगेगा।